#KarnatakaBandh: क्या है महादयी जल विवाद, क्यों हुआ है कर्नाटक बंद?
बेंगलुरु। कन्नड़ संगठनों और किसानों ने महादयी नदी या माण्डवी नदी पर चल रहे विवाद के चलते आज कर्नाटक बंद बुलाया है। संगठनों के एक संघ ने आज कर्नाटक में राज्यव्यापी बंद और 4 फरवरी को बेंगलुरु में बंद का ऐलान किया है। आपको बता दें गोवा और कर्नाटक में महादयी नदी के पानी को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा है, जिसे लेकर अब विरोध काफी तेज हो गया है।
चलिए विस्तार से जानते हैं कि आखिर महादयी विवाद है क्या...

महानयी नदी
महानयी नदी की कुल लंबाई 77 किलोमीटर है जिसमें से 29 किलोमीटर का हिस्सा कर्नाटक और 52 किलोमीटर गोवा से होकर बहता है। इस नदी का उद्गम पश्चिमी घाट के एक समूह से होता है जो कर्नाटक के बेलगाम जिले, के भीमगढ़ में स्थित हैं। नदी का जलग्रहण क्षेत्र, कर्नाटक में 2032 वर्ग किमी और गोवा में 1580 वर्ग किमी का है। दूधसागर प्रपात और वज्रपोहा प्रपात, मांडवी के ही भाग हैं।

ये है विवाद
कर्नाटक सरकार राज्य की सीमा के अंदर महादयी नदी से 7.56 टीएमसी पानी मलप्रभा डैम में लाना चाहती है, पानी की धारा कलसा और बंडूरी नामक दो नहरों के जरिए मोड़ी जानी है, जिसके कारण इसे कलसा-बंडूरी नहर परियोजना कहा जाता है, अगर ऐसा हुआ तो इसके जरिए धारवाड़, गदग और बेलगावी जिले को पीने के पानी की आपूर्ति की जाएगी लेकिन गोवा सरकार इस परियोजना के खिलाफ है।

गोवा का तर्क
गोवा सरकार का तर्क है कि ये परियोजना पर्यावरण के अनुकूल नहीं ह, इससे गोवा की पारिस्थितिकी पर प्रतिकूल असर पड़ेगा और गोवा की उसी चीज पर सबसे ज्यादा नुकसान होगा, जिसके लिए वो जाने जाते हैं इसी विरोध के चलते बीते 40 सालों ये योजना अटकी हुई है।

पानी की स्थिति
आम नदियों की तरह महादयी नदी का पानी भी घटता-बढ़ता रहता है, जून से अक्टूबर महीने तक ही इसमें काफी पानी रहता है। ऐसे में कर्नाटक सरकार यदि पानी को डायवर्ट करती है तो इसका सीधा असर गोवा के लोगों पर पड़ने वाला है। गोवा का कहना है कि महादयी नदी के पानी को डायवर्ट किया गया तो राज्य में जलसंकट खड़ा हो जाएगा, ये भी विरोध का एक बड़ा कारण है उसके।












Click it and Unblock the Notifications