Karnataka: मांड्या-हासन में जेडीएस से मुकाबला कांग्रेस-भाजपा के लिए क्यों है चुनौती?
कर्नाटक के मांड्या-हासन इलाके में अभी भी जेडीएस की स्थिति काफी मजबूत है। यह देवगौड़ा परिवार का गढ़ माना जाता है और यहां कुमारस्वामी की लोकप्रियता काफी है।

कर्नाटक के मांड्या-हासन इलाके को पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा की पार्टी जेडीएस का गढ़ माना जाता है। हालांकि, 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने वहां अपनी पैठ जरूर बनानी शुरू की थी। लेकिन, आज भी इलाके में देवगौड़ा परिवार का बहुत ही ज्यादा दबदबा माना जाता है। इसलिए कांग्रेस और भाजपा के लिए यहां से सीटें निकालना बड़ी चुनौती साबित हो सकती है।

मांड्या रहा है जेडीएस का गढ़
कर्नाटक का मांड्या जिला जनता दल (सेक्युलर) के प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाता है। 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने यहां की सभी सात सीटें जीत ली थी। हालांकि, 2019 में जेडीएस के एक एमएलए नायारण गौड़ा ने बीजेपी ज्वाइन कर ली और उपचुनाव में कृष्णराजपेट से जीत भी दर्ज की।

वोक्कालिगा बहुल इलाका है मांड्या
मांड्या में आधी से ज्यादा आबादी वोक्कालिगा समुदाय की है। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा इसी समाज से आते हैं और यही वजह है कि उनके परिवार की इस वोट बैंक पर पक्की पकड़ है। मांड्या, हासन से सटा हुआ है, जो कि गौड़ा परिवार का गृह क्षेत्र है। यहां देवगौड़ा परिवार किसानों की राजनीति करता आया है।

जेडीएस की किसानों पर है अच्छी पकड़
हासन इलाका ईख और धान की खेती के लिए जाना जाता है। इस इलाके में कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही दलों के लिए वोटरों का दिल जीतना बहुत कड़ी चुनौती रही है। लेकिन, देवगौड़ा परिवार और पूर्व सीएम एचडी कुमारस्वामी की यहां बहुत ही मजबूत पकड़ अभी भी कायम है।

कर्ज माफी की उम्मीद में हैं लोग
ईटी से मांड्या विधानसभा क्षेत्र के एक किसान नागेंद्र ने कहा, 'किसानों के लिए कुमारस्वामी की सरकार अच्छी थी, क्योंकि उसने हमारे लोन माफ कर दिए थे। इस बार भी अगर वह सत्ता में आते हैं तो हमारी महिलाओं के कर्ज माफ कर देंगे।' पड़ोस के एक गांव के 24 वर्षी कृष्णा के मुताबिक, 'आखिरकार हमें ऐसी सरकार चाहिए, जो गरीबों की मदद करती है।'
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पनकाहल्ली गांव के 49 वर्षीय यतिशा के पास तीन एकड़ जमीन है। खराब फसल और कम कीमत के चलते इस साल उन्हें 4 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। उनका कहना है, 'किसान कुमारस्वामी को सीएम बनाने का समर्थन कर रहे हैं।'

देवगौड़ा को इस बार भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद
एक इंटरव्यू में जेडीएस सुप्रीमो देवगौड़ा से पूछा गया कि उनकी पार्टी मांड्या की सभी और हासन की भी लगभग सारी ही सीटें जीती थी। क्या इसबार वह प्रदर्शन दोहरा सकेगी? वो बोले- 'हां, खासकर इसलिए कि फ्रंट से इसकी अगुवाई कर रहा हूं। पिछली बार मैं अस्वस्थ था और पूरी तरह से समय नहीं दे पाया। इस बार पहले से मैं ठीक हूं, हालांकि मुझे किडनी की समस्या है।'
मुस्लिम आरक्षण बड़ा मुद्दा बन गया है- देवगौड़ा
उनसे यह भी पूछा गया कि कांग्रेस कहती है कि जेडीएस की भाजपा से साठगांठ है? इसपर उन्होंने कहा है कि 'पिछले चुनाव में भी यही प्रचार किया गया था, जिसके चलते कुछ इलाकों में अल्पसंख्यक वोट बंट गए थे और पार्टी को नुकसान हुआ था। लेकिन, इस बार लोग उनपर भरोसा नहीं करेंगे। खासकर मुस्लिम आरक्षण बड़ा मुद्दा बन गया है। मुसलमानों को पता है कि 4% आरक्षण मैंने लागू किया था, इसलिए मुसलमान जेडीएस का साथ देंगे।'












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