येदियुरप्पा कैबिनेट का फैसला, कर्नाटक में नहीं मनाई जाएगी टीपू जयंती
नई दिल्ली। कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद का शपथ लेने के बाद मंगलवार को बीएस येदियुरप्पा सरकार की ओर ने कन्नड़ व संस्कृति विभाग को टीपू जयंती न मनाने का आदेश दिया है। टी जयंती न मनने का फैसला सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया। बता दें कि कर्नाटक में बीजेपी टीपू जयंती का विरोध करती रही है। क्योंकि बीजेपी टीपू सुल्तान को कट्टर मुस्लिम शासक बताती है। जिसके बाद अब राज्य की सत्ता हासिल करने के बाद सरकार ने टीपू जयंती नहीं मनाने का आदेश दिया है।

दरअसल बीजेपी समर्थकों का मानना है कि टीपू सुल्तान एक कट्टर मुस्लिम शासक था। उसने कई मंदिर तोड़े और बड़े पैमाने पर हिंदुओ का धर्मांतरण कराया। लेकिन हैरानी वाली बात तो ये है कि साल 2014 की गणतंत्र दिवस परेड में टीपू सुल्तान को एक अदम्य साहस वाला महान योद्धा बताया गया था। बीजेपी विधायक बोपैया ने मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को पत्र लिखकर टीपू जयंती मनाने पर रोक लगाने की मांग की है।
इससे पहले राज्य में जब कांग्रेस और जेडीएस की सरकार थी धूमधाम से टीपू सुल्तान जयंती मनाई जाती थी। लेकिन अब कर्नाटक की नई सरकार ने इस पर रोक लगा दी है। मैसूर के शासक टीपू सुल्तान की जयंती हर वर्ष 10 नवंबर को मनाई जाती है। इस संबंध में काग्रेस के नेता सिद्धारमैया ने कहा था कि राज्य में महापुरुषों की जयंती मनाने की रस्म पहले से चलती आई है। हम भी उसी प्रथा को आगे बढ़ा रहे हैं।
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