बीएस येदियुरप्पा ने कर्नाटक विधानसभा में बहुमत साबित किया, ध्वनिमत से जीता विश्वास मत
बेंगलुरु। कर्नाटक में लंबे सियासी नाटक का आखिरकार अंत हुआ, येदियुरप्पा सरकार ने सोमवार को विधानसभा में बहुमत हासिल कर लिया, इस दौरान विपक्ष ने मत विभाजन की भी मांग नहीं की, सरकार के बहुमत परीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि वो हर मिनट राज्य के विकास के लिए काम करेंगे, मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने कहा कि मैं किसी के खिलाफ बदले की राजनीति के साथ काम नहीं करता हूं इसलिए अब भी नहीं करूंगा, हमारी सरकार किसानों के लिए काम करना चाहती है, इसलिए मैं सभी से अपील करता हूं कि सरकार के विश्वास मत प्रस्ताव का समर्थन करें।

बीएस येदियुरप्पा ने कर्नाटक विधानसभा में बहुमत साबित किया
आपको बता दें कि अभी 207 विधायकों वाली विधानसभा है, जिसमें बहुमत के लिए 104 का आंकड़ा चाहिए था और बीजेपी के पास 105 विधायक हैं। विधानसभा में विश्वासमत हासिल करने के बाद पूर्व सीएम एचडी कुमारस्वामी ने बीजेपी से कहा कि आप अब लोग सरकार में हैं, इसलिए विधायकों पर इस्तीफे का दबाव बनाना खत्म कीजिए, उन्होंने कहा कि अगर सरकार बढ़िया काम करती है तो वह सरकार को समर्थन करेंगे।

येदियुरप्पा कभी भी जनता के आशीर्वाद के साथ सीएम नहीं बने
हालांकि विश्वास मत से पहले विधानसभा में सिद्धारमैया ने कहा कि येदियुरप्पा कभी भी जनता के आशीर्वाद के साथ सीएम नहीं बने हैं, ना आपके पास 2008 में बहुमत था, ना 2018 में और ना ही अब, जब उन्होंने शपथ ली तो सदन में 222 विधायक थे, लेकिन बीजेपी के पास 112 विधायक कहां हैं?

'आप बागियों के साथ है'
उन्होंने कहा कि आप मुख्यमंत्री तो रहेंगे, लेकिन उसकी भी कोई गारंटी नहीं है. आप बागियों के साथ है, लेकिन क्या आप सरकार चला सकते हैं, मैं आपके विश्वास मत के प्रस्ताव का विरोध करता हूं।












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