कर्नाटक में सियासी संकट: इस्तीफा देकर मुंबई पहुंचे कांग्रेस- JDS विधायक, अमेरिका से आज लौटेंगे CM कुमारस्वामी
बेंगलुरु। कर्नाटक में सियासी संकट गहराता जा रहा है, राज्य की कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार में से 13 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं, जो फिलहाल मुंबई के एक होटल में ठहरे हुए हैं, इन विधायकों के इस्तीफे के कारण एचडी कुमारस्वामी सरकार गिरने का खतरा बढ़ गया है, सबसे खास बात ये है कि इस्तीफा देने वाले विधायकों ने कहा है कि अगर सिद्धारमैया सीएम बनते हैं तो वे अपना इस्तीफा वापस ले सकते हैं। फिलहाल खबर ये है कि कर्नाटक के सीएम कुमारस्वामी सियासी संकट के बीच अपना अमेरिका दौरा बीच में ही छोड़कर आज भारत लौट रहे हैं और उन्होंने दावा किया है कि राज्य में कोई राजनीतिक संकट नहीं है।

कर्नाटक में सियासी संकट
मालूम हो कि कांग्रेस और जेडी-एस के विधायक शनिवार को विधानसभा स्पीकर को इस्तीफा देने के लिए स्पीकर कार्यालय पहुंचे। स्पीकर से मुलाकात नहीं हो पाने के चलते विधायकों ने अपना इस्तीफा स्पीकर के सचिव को सौंप दिया। कांग्रेस के जिन विधायकों ने स्पीकर को अपना इस्तीफा सौंपा है, उनमें रामलिंगा रेड्डी, रमेश जर्किलोही, महेश कुमाथहल्ली, एसटी सोमशेखर, बीए बसावराज, बीसी पाटिल, प्रतापगौड़ा पाटिल और शिवराम हेबर हैं जबकि जेडीएस के एएच विश्वनाथ, के. गोपालियाह और नारायण गौड़ा का नाम शामिल है।

कर्नाटक विधानसभा में किसके पास कितनी सीटें
कर्नाटक की 225 सदस्यीय विधानसभा में गठबंधन सरकार के पक्ष में 118 विधायक थे, यह संख्या बहुमत के लिए जरूरी 113 से पांच ज्यादा थी, इसमें कांग्रेस के 79 विधायक (विधानसभा अध्यक्ष सहित), जेडीएस के 37 और तीन अन्य विधायक शामिल रहे हैं, तीन अन्य विधायकों में एक बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से, एक कर्नाटक प्रग्न्यवंथा जनता पार्टी (केपीजेपी) से और एक निर्दलीय विधायक है, विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास 105 विधायक हैं।

कभी नहीं दिखी दोस्ती, हमेशा नजर आया विरोध
2018 विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत ना मिलने पर कांग्रेस ने जेडीएस को भाजपा को रोकने के लिए बिना शर्त समर्थन दिया था, जिसके बाद जिस पार्टी को चुनाव से पहले किंगमेकर कहा जा रहा था, वो किंग बन गई और एचडी कुमारास्वामी राज्य के सीएम बन गए लेकिन सरकार तो बनी लेकिन दोनों के बीच दोस्ती कभी नहीं दिखी, खुद सीएम कुमारस्वामी सार्वजनिक तौर पर बेमेल गठबंधन की बात स्वीकार कर चुके हैं।

मुश्किल में कर्नाटक सरकार
कई कांग्रेसी एमएलए लगातार इस गठबंधन को लेकर नाराजगी जता चुके थे। लोकसभा चुनाव में गठबंधन की जरूरत की बात कहकर दोनों दल गठबंधन को बचाने में सफल हो गये थे लेकिन लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने राज्य की 28 में से 26 सीट जीतकर इस गठबंधन को पूरी तरह से हिला दिया जिसके बाद कांग्रेस-जेडीएस दोनों एक-दूसरे को गठबंधन की कमजोर कड़ी बताने लगे, जिसकी वजह से इस वक्त कर्नाटक में सियासी संकट मंडरा रहा है।












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