कर्नाटक का नाम 'बसव नाडु' करने में कुछ भी गलत नहीं, कांग्रेस सरकार के मंत्री ने क्यों दिया ऐसा बयान?
कर्नाटक के मंत्री एमबी पाटिल ने शुक्रवार को कहा है कि विजयपुरा जिले का नाम 12वीं सदी के समाज सुधारक बसवेश्वर (बसवन्ना) के नाम पर करने की मांग हो रही है। लेकिन, इसके साथ ही उन्होंने यह भी कह दिया है कि अगर पूरे कर्नाटक का नाम बदलकर 'बसव नाडु' (बसव की भूमि) कर दिया जाए तो इसमें भी कुछ गलत नहीं है।
कर्नाटक के भारी और मध्यम उद्योग मंत्री का यह बयान उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के रामनगर जिले का नाम बदलकर 'बेंगलुरु दक्षिण' करने के प्रस्ताव के कुछ दिनों के बाद आया है। इस प्रस्ताव के खिलाफ राज्य के पूर्व सीएम और जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने की भी चेतावनी दे रखी है।

विजयपुरा का नाम बसवेश्वर करने की मांग
पाटिल ने कहा कि 'होयसल काल में इस इलाके को विजयपुरा के रूप में जाना जाता था, बाद में आदिल शाही वंश के शासन के दौरान यह बीजापुर बन गया। फिर बाद में विजयपुरा हो गया। अब बहुत से लोगों ने इसका नाम बसवेश्वर जिला करने की मांग की है। यह स्वाभाविक है, क्योंकि यह जिला बसवन्ना की जन्मस्थली है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है।' पाटिल विजयपुरा जिले के ही बबलेश्वर विधानसभा से विधायक हैं।
उन्होंने कहा कि 'हालांकि कुछ तकनीकी दिक्कतें हैं। बीजापुर विजयपुरा हो गया और अगर यह बसवेश्वर हो जाता है तो यहां कुछ असुविधा होगी, क्योंकि कई जगहों पर नाम में बदलाव करना होगा....इस तरह की चिंताएं जताई गई हैं। मैं मुख्यमंत्री से बात करूंगा और सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद हम फैसला करेंगे....।'
2014 में केंद्र ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से बेंगलुरु करने समेत राज्य के 12 शहरों के नाम बदलने की मंजूरी दी थी, जिसके बाद बीजापुर को विजयपुरा के नाम से जाना जाने लगा।
कर्नाटक का नाम 'बसव नाडु' करने गलत क्या है?- कर्नाटक के मंत्री
जब सिद्दारमैया सरकार के मंत्री से कर्नाटक का नाम 'बसव नाडु' करने को लेकर उनकी राय मांगी गई तो उन्होंने कहा, 'यह स्वाभाविक है, इसमें गलत क्या है? यह बसवन्ना ही थे जिन्होंने विश्व को पहली संसद 'अनुभव मंतपा' दी थी....उन्होंने सामाजिक अवधारणा दी.....हम कहते रहते हैं कि हमारी भूमि को 'बसव नाडु' बनना चाहिए और हमें 'बसव संस्कृति' को अपनाना चाहिए....'
उनके मुताबिक बसवन्ना को कर्नाटक के सांस्कृतिक प्रतीक या नेता घोषित करने की भी मांग है। उन्होंने कहा, 'पूरे मेट्रो रेल (बेंगलुरु) नेटवर्क को बसवेश्वर के नाम पर करने की भी मांग है। इसी तरह विजयपुरा एयरपोर्ट को भी उनके नाम पर करना चाहिए। मुख्यमंत्री से इसपर बात करेंगे और उचित फैसला लिया जाएगा।'
कर्नाटक में लिंगायत समुदाय राजनीतिक तौर पर सबसे प्रभावशाली रहा है। इसकी उत्पत्ति बसवन्ना से ही रही है। पाटिल इसी समुदाय से आते हैं। ऐसे में उन्होंने जिस तरह की मांगें सामने रखी है, वह आने वाले समय में कर्नाटक की राजनीति में एक दिलचस्प मोड़ ले सकता है। क्योंकि, पहले से लिंगायत समाज के व्यक्ति को सीएम बनाने की मां भी कांग्रेस के अंदर से ही उठ चुकी है। (इनपुट-पीटीआई)












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