नीतीश कुमार ने इस खास ऑफर के साथ किया था संपर्क, BJP-JDS गठबंधन के बाद देवगौड़ा का बड़ा दावा
कर्नाटक की विपक्षी पार्टी जनता दल (सेक्युलर) ने जदयू के साथ विलय और विपक्षी दलों के इंडिया ब्लॉक में शामिल होने के बिहार के सीएम नीतीश कुमार के ऑफर को ठुकरा दिया था। पार्टी के बुजुर्ग नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने मंगलवार को यह दावा किया है।
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक जेडीएस सुप्रीमो ने 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए बीजेपी के साथ गठबंधन के दो हफ्ते बाद यह दावा किया है। देवगौड़ा ने कहा है कि उनसे करीब चार महीने पहले 'जनता फ्रीडम फ्रंट' के प्रस्ताव के साथ संपर्क किया गया था।

जनता फ्रीडम फ्रंट का मिला था प्रस्ताव- देवगौड़ा
उन्होंने बताया कि प्रस्ताव के तहत 'जनता फ्रीडम फ्रंट' प्रस्ताव में पुराने जनता दल में शामिल पार्टियों को एकजुट करना था। देवगौड़ा के मुताबिक उन्होंने उनसे कहा, 'मैं सहमत नहीं हूं। मेरी राष्ट्रीय पद में दिलचस्पी नहीं है..........91 साल का हूं और देखा है कि कांग्रेस ने कैसे मुझे धोखा दिया है। मैं इस उम्र में कोई प्रयोग नहीं करना चाहता।'
'पुराने जनता दल की पार्टियों को शामिल करने का था ऑफर'
इस ऑफर के बारे में उन्होंने आगे कहा, '...करीब तीन-चार महीने पहले नीतीश कुमार ने मुझसे एक फ्रंट के लिए संपर्क किया था- जेडीयू-जेडीएस और यहां तक कि समाजवादी पार्टी....पुराने जनता दल के कई ग्रुप जनता फ्रीडम फ्रंट बनाना चाहते हैं।' वो बोले, 'नीतीश ने मुझे मनाने के लिए अपने पार्टी के अध्यक्ष और वरिष्ठ नेताओं को भेजा था.....लेकिन मैं सहमत नहीं था। मैंने उन्हें बताया कि अगर आप चाहते हैं तो अन्य पार्टियों से संपर्क कर सकते हैं।'
अभी नीतीश कुमार की जेडीयू और कांग्रेस पार्टी भी विपक्षी दलों के इंडिया ब्लॉक में शामिल है। इनमें पूर्व जनता दल से निकली पार्टियों में लालू यादव की आरजेडी और मुलायम सिंह यादव की समाजवादी पार्टी भी हैं। इस गठबंधन को बनाने में नीतीश की अहम भूमिका रही है और संभवत: उसी दौरान उन्होंने देवगौड़ा से संपर्क किया था।
कांग्रेस की वजह से देवगौड़ा ने ठुकराया नीतीश का ऑफर?
देवगौड़ा ने जो कुछ कहा है उससे लगता है कि कांग्रेस की वजह से उन्होंने इंडिया ब्लॉक से दूरी बनाए रखना ही ठीक समझा। उनके मुताबिक, 'वे (कांग्रेस) सोच रहे हैं कि वो कर्नाटक में जेडीएस को 'खत्म' कर देंगे। कांग्रेस ने (इंडिया में जेडीएस को साथ लेने के बारे में) कोई बात नहीं की।'
सिद्दारमैया से दिखाई नाराजगी
इस मामले में वे कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को लेकर खासे नाराज दिखे। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस के सिद्दारमैया......जिन्हें मैं राजनीति में लेकर आया.....ने कहा कि अगर जेडीएस आती है, तो वे निकल जाएंगे।'
गौरतलब है कि कर्नाटक में भाजपा-जेडीएस के तालमेल से कांग्रेस भड़की हुई है और देवगौड़ा की पार्टी की 'सेक्युलर' छवि पर सवाल उठा रही है। इन आरोपों के बारे में उन्होंने कहा है कि उन्हें 'तथाकथित धर्मनिरपेक्षता का पाठ नहीं पढ़ना है' और उनकी पार्टी धर्मनिरपेक्ष बनी रहेगी।












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