कर्नाटक: जेडीएस विधायक गौरी शंकर अयोग्य घोषित, बांटे थे जाली बॉन्ड
जेडीएस विधायक गौरी शंकर को कर्नाटक हाईकोर्ट ने अयोग्य घोषित करार दिया। उन्होंने पिछले चुनाव में नकली बीमा बॉन्ड बांटे थे।

कर्नाटक हाईकोर्ट ने 2018 में फर्जी बीमा बॉन्ड के जरिए मतदाताओं को लुभाने के मामले में अपना फैसला सुनाया है। कोर्ट ने तुमकुर ग्रामीण निर्वाचन क्षेत्र से जेडीए विधायक गौरी शंकर को अयोग्य घोषित कर दिया। फैसले के तुरंत बाद कोर्ट ने अयोग्यता को एक महीने के लिए निलंबित कर दिया, ताकि गौरी शंकर के वकील सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सकें।
दरअसल उस सीट से हारे बीजेपी उम्मीदवार बी. सुरेश गौड़ा ने कर्नाटक हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। जिसमें जेडीएस विधायक पर चुनाव के दौरान फर्जी बीमा बॉन्ड बांटने का आरोप लगाया गया। गौड़ा के मुताबिक इस बॉन्ड की वजह से उन्होंने चुनाव में मतदाताओं को काफी ज्यादा प्रभावित किया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आरोपों को सही पाया। साथ ही उनकी विधायकी को अयोग्य घोषित कर दिया। हालांकि उनका कार्यकाल करीब-करीब पूरा हो गया है, क्योंकि मई में ही राज्य में विधानसभा के चुनाव होंगे, जबकि ये मामला 2018 का था।
वहीं फैसले के बाद विधायक के वकील हेमंत राज ने धारा 116 (बी) के तहत आदेश को निलंबित करने की मांग की, ताकि उन्हें सुप्रीम कोर्ट के सामने अपील दायर करने की अनुमति मिल जाए, क्योंकि राज्य में चुनाव की घोषणा हो चुकी है। इस पर हाईकोर्ट ने एक महीने के लिए सजा को निलंबित किया है। वहीं गौरी शंकर के अलावा कोर्ट ने अन्य आरोपियों बालनेत्रैया, अरेहल्ली मंजूनाथ, कृष्णगौड़ा, रेणुकम्मा और सुनंदा को चुनाव में भ्रष्टाचार का दोषी पाया।
48 हजार को बांटे थे नकली बॉन्ड
आरोप के मुताबिक 2018 में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई थी। उसके बावजूद 27 मार्च 2018 को गौरी शंकर और उनके सहयोगियों ने कुल 48 हजार नकली बीमा बॉन्ड बांटे। जिसमें 32 हजार व्यस्कों के जबकि 16 हजार नाबालिगों के थे। ये साफ तौर पर धारा 123 का उल्लंघन था, जिस पर कोर्ट में याचिका डाली गई।












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