'क्राउड कंट्रोल बिल' लाने जा रही कर्नाटक सरकार, उल्लंघन करने वाले पर 5 हजार का जुर्माना और 3 साल की जेल
Crowd Control Bill: बेंगलुरु में रॉयल चैलेंजर्स (RCB) की जीत के जश्न के दौरान हुई भगदड़, जिसमें 11 लोगों की जान चली गई थी, इस दर्दनाक हादसे के बाद कर्नाटक की कांग्रेस सरकार एक नया 'क्राउड कंट्रोल बिल' लाने का मसौदा तैयार कर रही है। इस विधेयक पर अगली कैबिनेट बैठक में चर्चा होगी और संंभावना है कि इस बैठक में क्राउड कंट्रोल बिल को मंजूरी मिल जाएगी।
कैबिनेट बैठक के बाद कांग्रेस सरकार के कानून और संसदीय मामलों के मंत्री एच.के. पाटिल ने गुरुवार को बताया कि "आज चार विधेयक प्रस्तावित किए गए जिनमें 'क्राउड कंट्रोल बिल' भी था।"जानिए आखिर क्या है ये क्राउड कंट्राेल बिल?

क्या है ये क्राउड कंट्रोल बिल?
नए कानून का लक्ष्य सार्वजनिक आयोजनों को नियंत्रित करना और भविष्य में अव्यवस्था या भगदड़ जैसी घटनाओं को रोकना है। विधेयक की खास बात ये है कि ये सिर्फ भीड़ को नियंत्रित करने में विफल रहने वाले इवेंट आयोजकों को ही जिम्मेदार नहीं ठहराएगा, बल्कि इसमें भारी जुर्माने और जेल का प्रवाधान भी किया गया है।
5 हजार का जुर्माना और 3 साल की जेल
क्राउड कंट्रोल विधेयक के अनुसार, पुलिस निर्देशों का उल्लंघन करने या कानून तोड़ने वाले व्यक्ति को जेल, जुर्माना, या दोनों की सजा हो सकती है। इस विधेयक में बिना अनुमति या तय मानकों के उल्लंघन पर 3 साल तक की जेल और ₹5,000 तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
किन आयोजनों पर लागू होगा ये क्राउड कंट्रोल विधेयक?
कर्नाटक सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कानून धार्मिक और पारंपरिक आयोजनों पर लागू नहीं होगा, जिनमें मेले, रथ यात्राएं, पालकी उत्सव, नौका महोत्सव (तेप्पोत्सव), और उर्स जैसे धार्मिक कार्यक्रम शामिल हैं। एच.के. पाटिल के अनुसार, कैबिनेट की बैठक में कर्नाटक भीड़ नियंत्रण, कार्यक्रमों और जनसभा स्थलों पर 'क्राउड कंट्रोल बिल' 2025 को लेकर चर्चा होगी।
इवेंट प्लानर के खिलाफ सख्त नियम
इवेंट प्लानर्स, जैसे खेल, सर्कस, या अन्य कार्यक्रम आयोजित करने वालों के लिए नियम और भी सख्त होंगे। यदि आयोजक बिना पुलिस अनुमति के कार्यक्रम करते हैं, भीड़ को संभालने में विफल रहते हैं, नुकसान होने पर मुआवजा नहीं देते हैं, या कोई अन्य गलती करते हैं, तो उन्हें तीन साल तक की जेल, पांच लाख रुपये तक का जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं।
आयोजक की लापरवाही या बिना अनुमति के कार्यक्रम के कारण किसी की मौत या चोट होने पर इसे गंभीर अपराध माना जाएगा। इस कानून के तहत सभी अपराध गैर-संज्ञेय और गैर-जमानती होंगे, और इनकी सुनवाई प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट की अदालत में होगी।
विधेयक के अनुसार कौन हैं इवेंट प्लानर?
मसौदा विधेयक में 'इवेंट प्लानर' उन व्यक्तियों या समूहों को कहा गया है जो सरकार द्वारा अधिसूचित बड़े आयोजनों, जैसे राजनीतिक रैलियों, सम्मेलनों या खेल आयोजनों का आयोजन करते हैं। 'भीड़' को बड़े और अनियंत्रित जमावड़े के रूप में परिभाषित किया गया है।
बेंगलुरु में कैसे मची थी भगदड़?
गौरतलब है कि इस साल RCB ने 18 साल बाद IPL की ट्रॉफी अपने नाम की थी। इसी का जश्न मनाने के लिए 4 जून को RCB टीम बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में इकट्ठा होने वाली थी। टीम के स्टेडियम पहुंचने से पहले ही लाखों की संख्या में भीड़ स्टेडियम के बाहर जुट गई। अंदर जाने के लिए धक्का-मुक्की होने लगी, और भीड़ अनियंत्रित हो गई और गेट तोड़कर आगे बढ़ने लगी, जिससे भगदड़ मच गई। इस घटना में 11 लोगों की मौत हो गई और 53 लोग घायल हुए थे। कर्नाटक सरकार ने इस घटना पर एक्शन लेते हुए आयोजकों को गिरफ्तार कर लिया और एक SIT का गठन करके इसकी जांच का आदेश दिया था।












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