कर्नाटक फ्लोर टेस्ट से पहले मोदी का ट्वीट- मैंने देवगौड़ा से बात की है, पढ़ें पूरा Analysis
बेंगलूूरु। कर्नाटक में फ्लोर टेस्ट से पहले एक के बाद एक सनसनीखेज खबरें आ रही हैं। इनमें कितना सच है और कितना झूठ यह बाद में पता चलेगा, लेकिन इस वक्त तो जिसे जो मिल रहा है धमाका कर दे रहा है। ताजा खबर सीएम बीएस येदुरप्पा के बारे में आई है, जिनका ऑडियो टेप कांग्रेस ने मीडिया के सामने पेश किया। बहरहाल, टेप से लेकर टैपिंग तक के इस खेल से जुड़ी खबरों की रफ्तार के साथ इतनी भरमार हो गई है कि एक बधाई संदेश की मीडिया ज्यादा चर्चा नहीं हो सकी। यह संदेश किसी और का नहीं बल्कि पीएम नरेंद्र मोदी का है और किसके लिए है? तो जवाब है एचडी देवगौड़ा। वही, देवगौड़ा जो पूर्व प्रधानमंत्री हैं, वही देवगौड़ा जो जेडी-एस के सुप्रीमो हैं और कर्नाटक में चल रहे सियासी अंक गणित में बेह अहम खिलाड़ी हैं।
शुक्रवार को एचडी देवगौड़ा का जन्मदिन था। पिछले चार सालों की तरह इस बार भी वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा को जन्मदिन की बधाई दी। खुद पीएम मोदी ने इस बारे में ट्वीट कर लिखा, 'मैंने पूर्व प्रधानमंत्री जी श्री एचडी देवगौड़ा जी से बात की। मैंने उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाओं के साथ उनके बेहतर स्वास्थ्य और लंबे जीवन की प्रार्थना भी की है।'
पीएम नरेंद्र मोदी की एचडी देवगौड़ा के साथ बातचीत में कुछ नया नहीं है, लेकिन इतना जरूर है कि पिछली बार के संदेशों की तुलना में उन्होंने 'मैंने देवगौड़ा से बात' पर इस बार कुछ ज्यादा ही जोर दे दिया है। ऐसा माना जा सकता है कि पीएम के इस संदेश में विपक्ष और खासतौर से कांग्रेस के लिए एक संदेश हो, जिससे कि उनके दिमाग में शक की एक गुंजाइश पैदा हो जाए।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक चुनाव से पहले भी एचडी देवगौड़ा से बातचीत की थी। इसी मुलाकात के बाद से कांग्रेस ने जेडी-एस को बीजेपी की बी टीम कहना शुरू कर दिया था। खुद राहुल गांधी ने कई बार चुनाव प्रचार के दौरान जेडी-एस को बीजेपी की बी टीम करार दिया था। और अब कर्नाटक विधानसभा में बीएस येदुरप्पा के फ्लोर टेस्ट से ऐन पहले पीएम मोदी ने बड़ा जोर देकर कहा है कि जेडी-एस के मुखिया से मतलब देवगौड़ा से उन्होंने बात की है। हालांकि, दिया जन्मदिन का शुभकामना संदेश है, लेकिन इस शुभकामना में विपक्ष के लिए बड़ा ही अनमना संदेश है।
क्या हैं कर्नाटक फ्लोर टेस्ट से जुड़े आंकड़े
कर्नाटक चुनाव 222 सीटों पर हुआ था। जेडी-एस के नेता कुमारस्वामी दो सीटों से जीते। ऐसे में 221 सीटें बचती हैं। 221 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 111 का मैजिक नंबर चाहिए। बीजेपी के पास 104, जेडी-एस के पास 36, कांग्रेस के पास 78, 02 अन्य और एक सदस्य बसपा के टिकट पर जीतकर आया है।
कांग्रेस पहले ही जेडी-एस को समर्थन का ऐलान कर चुकी है। ऐसे में कांग्रेस के 78 और जेडीएस के 36 और बसपा का 1 विधायक मिला लें तो 115 हो जाता है, जो बहुमत का आंकड़ा पार कर जाता है। दूसरी ओर बीजेपी के लिए बहुमत जुटाना बेहद कठिन लग रहा है। कांग्रेस-जेडी-एस में फूट के बिना बीजेपी को बहुमत मिल पाना संभव नहीं है। देखना रोचक होगा कि सोमवार शाम को जब कर्नाटक विधानसभा में फ्लोर टेस्ट होगा, तब बीएस येदुरप्पा की सरकार बचेगी या उन्हें इस्तीफे का भाषण पढ़ना पड़ेगा।













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