karnataka Floor Test: आनंद सिंह ने छुए कुमारस्वामी के पैर और पलट गई पूरी बाजी
बेंगलुरूः कर्नाटक विधानसभा चुनावों में सुबह से शुरू हुआ राजनीतिक उठा पटक का खेल बहुमत परीक्षण से कुछ देर पहले तक लगातार जारी रहा। कभी गेंद भाजपा के पाले में आती दिखाई देती तो कभी कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के पाले में। हालांकि दोनों ही पक्ष अपनी अपनी ओर से जीत का दावा कर रहे थे लेकिन हर किसी की निगाह कांग्रेस के उन दो विधायकों पर टिकी थी जिन्हें कई दिनों से गायब बताया जा रहा था। सबसे ज्यादा सस्पेंस भी उन विधायकों के रुख को लेकर था कि वो किस पाले में जाकर बैठेंगे। लेकिन इसी बीच दोनों विधायकों की एक-एक कर विधानसभा में एंट्री हुई और एक छोटे से वाक्ये ने पूरी बाजी पलट दी।

आनंद सिंह ने बदल दिया पूरा खेल
सदन में एंट्री के साथ ही आनंद सिंह अपनी कुर्सी पर बैठने के साथ तुरंत कुमारस्वामी के पास पहुंचे और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। आनंद सिंह का यह बदला रुख देखकर भाजपा खेमे में बेचैनी छा गई। इसके साथ ही तय हो गया कि बाजी किस ओर जाएगी। असल में आनंद सिंह की वो विधायक थे जिनको लेकर सबसे ज्यादा सस्पेंस बना हुआ था।

विधायक आनंद सिंह के रुख को लेकर परेशान थी कांग्रेस और जेडीएस
शुरू से अपने विधायकों की गोलबंदी में जुटी कांग्रेस वियजनगर सीट से विधायक आनंद सिंह के रुख को लेकर सबसे ज्यादा परेशान थी। उनके रुख को लेकर पार्टी पूरी तरह आश्वस्त नहीं थी। असल में आनंद सिंह कुछ दिन पहले ही भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आए थे, जब पार्टी ने उन्हें टिकट देने से इंकार कर दिया था। इससे नाराज होकर आनंद सिंह ने भाजपा को साम्प्रदायिक पार्टी बताते हुए उसकी सदस्यता छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया था। बेल्लारी के रहने वाले आनंद सिंह पूर्व की येदयुरप्पा सरकार में पर्यटन मंत्री भी रह चुके हैं और उन्हें बेल्लारी के रेड्डी बंधुओं का नजदीकी भी माना जाता है, इसी वजह से कांग्रेस उन्हें लेकर आश्वस्त नहीं थी।

कई दिनों से फोन भी बंद जा रहा था
दो दिनों से उनका फोन भी बंद चल रहा था, ऐसे में कांग्रेस ने उन्हें साधने की जिम्मेदारी सौंपी राज्य के वरिष्ठ नेता और कांग्रेस के संकटमोचक कहे जाने वाले डी शिवकुमार को। शिवकुमार ने आनंद सिंह से संपर्क साधा और उन्हें नई सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का पक्का आश्वासन देकर दोबारा अपने पाले में कर लिया। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जब पत्रकारों ने शिवकुमार से आनंद सिंह के बारे में पूछा तो उन्हें पूरे विश्वास से दावा किया कि वो उनके संपर्क में हैं और सही समय पर सदन में एंट्री करेंगे। और ऐसा ही हुआ भी आनंद सिंह के साथ दूसरे गायब चल रहे कांग्रेस विधायक प्रताप गौडा भी विधानसभा पहुंचे।

कांग्रेस के खेमें में छा गई खुशी
इसके बाद उन्होंने कांग्रेस के बाकी नेताओं के साथ लंच किया। इसके बाद दोनों विधायक जाकर कांग्रेस विधायकों वाले खेमे में बैठ गए। कांग्रेस के इन दोनों विधायकों के बदले रुख से भाजपा नेताओं में बेचैनी छा गई, क्योंकि कई दिनों की जद्दोजहद के बाद ये ही कांग्रेस के वो दो विधायक ऐसे माने जा रहे थे जिनका रुख भाजपा की ओर हो सकता था। इसी बीच कांग्रेस विधायकों के साथ सबसे पिछली सीट पर बैठे आनंद सिंह अचानक उठे और बाकी विधायकों से हाथ मिलाने के बाद सबसे अगली सीट पर बैठे जेडीएस के कुमारस्वामी के पास पहुंचे और उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। खास बात ये रही की इस दौरान आनंद सिंह ने भाजपा नेताओं की ओर देखा तक नहीं। यह नजारा देख सामने के भाजपा खेमे में मायूसी छा गई और कांग्रेस-जेडीएस नेताओं के चेहरे खिल उठे। इसके बाद ही कांग्रेस के हाथ से निकलती बाजी एक बार फिर वापिस वापिस लौट आई।












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