Karnataka elections 2023: कर्नाटक में 'राहुल गांधी बनाम पीएम मोदी' लड़ाई से क्यों डर रही है कांग्रेस?
राहुल गांधी कोलार में 9 अप्रैल को चुनावी रैली करने वाले हैं। इसी दिन पीएम मोदी भी कर्नाटक में कार्यक्रम कर रहे हैं। आइए जानते हैं क्यों कांग्रेस कर्नाटक की लड़ाई को राहुल बनाम पीएम मोदी नहीं बनाना चाहती है।

कर्नाटक विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। इस चुनाव में राज्य में सक्रिय तीन प्रमुख पार्टी भाजपा, कांग्रेस और जेडीएस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होगा ये माना जाता है। मतदान से पहले सभी राजनीतिक दल जीत हासिल करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रही है। वहीं लोकसभा में अयोग्यता के बाद राहुल गांधी पहली बार कर्नाटक के कोलार से चुनाव प्रचार में एंट्री करने वाले हैं। 9 अप्रैल को कोलार में राहुल गांधी द्वारा रैली के जरिए चुनाव प्रचार की शुरूआत करने का ना केवल कांग्रेस इस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रही है, बल्कि भाजपा इस दिन का उत्सुकता से इंतजार कर रही है। आइए जानते हैं ऐसा क्यों है?

इसके पीछे वजह ये है कि कांग्रेस के चुनाव प्रचार में और उसकी चुनाव में जीत हासिल करने की रणनीति और चुनावी अभियान में अभी तक राज्य के 'स्थानीय-मुद्दे शामिल है जो राहुल गांधी की चुनाव प्रचार में एंट्री के बाद अडानी का मुद्दा और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के राज में घटना लोकतंत्र जैसे राष्ट्रीय मुद्दों में परिवर्तित हो जाएंगे। ये वो ही मुद्दें है जिन पर भाजपा भी खेलना चाहती है क्योंकि भाजपा राहुल गांधी के खिलाफ पीएम मोदी में अपना सबसे बड़ा ड्रा खड़ा करती है और चुनाव को 'राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों' के बारे में अधिक बताती है।

राहुल गांधी ही कर्नाटक में भाजपा की जीत पक्की करेंगे!
बीजेपी के दो वरिष्ठ मंत्री अमित शाह और मनसुख मंडाविया ने पिछले हफ्ते पहले न्यूज 18 के कार्यक्रम में कहा था
अगर वह यानी कांग्रेस राहुल बनाम पीएम मोदी कर्नाटक में करना चाहते हैं, तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है। बीजेपी के लिए इससे बड़ा कोई फॉर्मूला नहीं हो सकता है। मंडाविया ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ही कर्नाटक में भाजपा की जीत का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
पीएम मोदी की कर्नाटक यात्रा के दिन ही है राहुल गांधी की कोलार रैली
याद रहे राहुल की पहली रैली को 9 अप्रैल को जब है उसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कर्नाटक दौरा और मैसूर में एक बड़ा कार्यक्रम है। पीएम मोदी की कर्नाटक यात्रा के साथ मेल करवाने के लिए ही कांग्रेस ने राहुल गांधी की कोलार रैली और वहां होने वाले कार्यक्रम को 9 तारीख को जानबूझ कर स्थानांतरित किया है। राहुल गांधी का कोलार में ये कार्यक्रम पहले 5 अप्रैल को होने वाला था।
कांग्रेस भाजपा को इन मुद्दों के बल पर देना चाहती है मात
बता दें कर्नाटक में सत्ता पर काबिज होने की इच्छुक राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस का अब तक का अभियान 'PayCM' भ्रष्टाचार, जातिगत आरक्षण गड़बड़ी और भाजपा के सबसे बड़े लिंगायत नेता बीएस येदियुरप्पा को दो साल पहले मुख्यमंत्री के पद से हटाए जाने पर हुए अपमान जैसे राज्य-स्तरीय मुद्दों पर केंद्रित रहा है। वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार और कर्नाटक पूर्व सीएम सिद्धारमैया भाजपा के खिलाफ संयुक्त मोर्चा बनाकर राज्यव्यापी यात्राएं करते हुए इन मुद्दों पर भाजपा की बोम्मई सरकार को घेर रहे हैं।
भाजपा क्यों चाहती है मोदी बनाम राहुल की लड़ाई
अगर राहुल गांधी की कोलार की रैली के बाद कर्नाटक की लड़ाई मोदी बनाम राहुल गांधी होती है तो मानो भाजपा की मन मांगी मुराद पूरी हो जाएगी। इसकी वजह है कि भाजपा को उम्मीद हैं राहुल गांधी भाजपा की जीत को और पक्की कर देंगे।
राहुल का ये विवादित बयान भाजपा के लिए चुनावी हथियार
राहुल गांधी के खिलाफ गुजरात की सूरत कोर्ट द्वारा आपराधिक मानहानि मामले में सजा के कारण सांसद के रूप में उनकी अयोग्यता का उपयोग भगवा खेमा करेगा। राहुल गांधी के बयान "क्या सारे मोदी सरनेम वाले क्या चोर होते हैं' जिस पर उन्हें दो साल की जेल की सजा सुनाई गई है, भाजपा इस बयान को राहुल और कांग्रेस के खिलाफ ऐसे यूज कर रही है कि राहुल गांधी ने ऐसा कहकर ओबीसी समुदाय को गाली दी थी।
कोलार में ही राहुल गांधी ने दिया था ये बयान
बता दें राहुल गांधी ने कर्नाटक में अपनी पहली रैली कोलार से करने जा रहे हैं, जहां उन्होंने आम चुनाव 2019 में ये आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। कर्नाटक में ओबीसी एक प्रमुख वोट बैंक हैं, जो बड़े पैमाने पर कांग्रेस के मतदाता रहे हैं और सिद्धारमैया इसी से संबंधित समुदाय के नेता हैं।
ओबीसी को कांग्रेस के खिलाफ खड़ा करना है
भाजपा का लक्ष्य ओबीसी को कांग्रेस के खिलाफ खड़ा करना है और कर्नाटक में मोदी के बवंडर अभियान से इस मुद्दे को हाइलाइट कर इस पर जोर देने की उम्मीद है। अडानी और बिट्रेन में भारत में "घटते लोकतंत्र" के मुद्दे पर मोदी पर राहुल गांधी का हमला पहले ही भाजपा को आक्रामक रूप से यह कहते हुए देखा चुका है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने विदेशी धरती पर देश के खिलाफ बात की थी।
पीएम इस पर कर सकते हैं फोकस
ये उम्मीद की जा रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर्नाटक में अपने अभियान में राहुल के विदेश की धरती पर दिए गए बयान को भारत को बदनाम करने के लिए स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय धुरंधरों द्वारा की गई साजिशों का हवाला देंगे। कर्नाटक में मोदी भी भ्रष्टाचार की बहस को घुमाने की कोशिश करेंगे और वर्षों से कांग्रेस के रिकॉर्ड का हवाला देंगे।
याद रहे भाजपा ये शुरूआत कर चुकी है उसने रविवार को यूपीए के दिनों में रिकॉर्ड भ्रष्टाचार का हवाला देते हुए एक विशेष वीडियो जारी किया और कैसे गांधी परिवार इस तरह के घोटालों के केंद्र में था। मोदी का अभियान कर्नाटक में भाजपा के तहत "डबल इंजन" विकास पर भी ध्यान केंद्रित करेगा और कैसे हर वोट ने मोदी के हाथों को मजबूत करने में मदद की। मोदी को अभियान के केंद्र में रखने के लिए भाजपा किसी मुख्यमंत्री पद के चेहरे की घोषणा तक नहीं कर रही है।












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