24 घंटे से लापता हैं कांग्रेस के चार विधायक, पार्टी में हड़कंप!
सूत्रों के हवाले से खबर है कि ये चारों विधायक ना बुधवार को पार्टी कार्यालय पर हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में पहुंचे और ना ही बेंगलुरू के ईगल्टन रिजॉर्ट में पहुंचे।
नई दिल्ली। कर्नाटक में दो दिन तक चले सियासी बवाल के बीच बीएस येदियुरप्पा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले ली। कर्नाटक के राज्यपाल वजूभाई वाला ने येदियुरप्पा को सीएम पद की शपथ दिलाई। येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण के विरोध में काग्रेस नेता कर्नाटक विधानसभा में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास धरने पर बैठ गए हैं। इस बीच बड़ी खबर यह है कि पिछले 24 घंटे से कांग्रेस के चार विधायक लापता हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि ये चारों विधायक ना बुधवार को पार्टी कार्यालय पर हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में पहुंचे और ना ही बेंगलुरू के ईगल्टन रिजॉर्ट में पहुंचे।

निर्दलीय विधायक कांग्रेस खेमे में
आपको बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। बुधवार को राज्यपाल वजूभाई वाला ने सबसे बड़ा दल होने के नाते भाजपा को सरकार बनाने का न्योता दिया, जिसके बाद येदियुरप्पा ने कर्नाटक के सीएम के तौर पर शपथ ली। भाजपा के पास फिलहाल 104 विधायक हैं और दो निर्दलीय विधायकों का समर्थन कांग्रेस को हासिल है। ऐसे में येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने के लिए अभी भी 8 विधायकों की जरूरत है। कांग्रेस के जिन चार विधायकों के लापता होने की खबर है, उनमें से एक विधायक आनंद सिंह के भाजपा में शामिल होने की अटकलें भी हैं।

आनंद सिंह के भाजपा में जाने की अटकलें
हालांकि कांग्रेस ने चार विधायकों के गायब होने की खबरों का खंडन किया है। कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस के धरने में मौजूद सांसद डीके सुरेश ने बताया कि आनंद सिंह को छोड़कर बाकी सभी विधायक यहां मौजूद हैं। आनंद सिंह नरेंद्र मोदी के चंगुल में हैं। इस बीच ऐसी भी खबरें आ रही हैं कि आनंद सिंह कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो सकते हैं। हालांकि इस मामले में अभी तक आनंद सिंह का पक्ष सामने नहीं आया है।

राज्यपाल ने पद का दुरुपयोग किया: कांग्रेस
इस बीच कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस नेता और विधायक धरने पर बैठे हुए हैं। कांग्रेस के धरने में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा भी शामिल हुए हैं। कांग्रेस का कहना है कि बिना बहुमत के भाजपा को सरकार बनाने का न्योता देकर राज्यपाल ने अपने पद का दुरुपयोग किया है। कांग्रेस इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच चुकी है, जिसपर शुक्रवार को सुनवाई होगी।












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