सोनिया गांधी के एक फोन से बदल गए कर्नाटक के समीकरण, BJP में बेचैनी
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बेंगलुरू। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बदलते रुझानों के बीच कांग्रेस अभी हिम्मत नहीं हारी है, उसे अभी भी लगता है कि वो सत्ता में वापसी कर सकती है और इसी कारण वहां पल-पल राजनैतिक समीकरण बदल रहे हैं, ऐसी खबर है कि रूझानों में जैसे ही ये क्लीयर हुआ कि भाजपा बहुमत से दूर रह गई है, यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी एक्टिव हो गईं और उन्होंने कर्नाटक में मौजूद कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद से कहा है कि वह तुरंत एचडी देवगौडा़ से मिलें और बात करें।

कांग्रेस ने जेडीएस को समर्थन देने का ऐलान किया
जिसके कुछ देर बाद ही कांग्रेस ने जेडीएस को समर्थन देने का ऐलान किया है। पार्टी के नेता जी. परमेश्वर ने कहा है कि हम जनादेश को स्वीकार करते हैं। उसके समक्ष नतमस्तक हैं।सरकार बनाने के लिए हमारे पास आंकड़े नहीं है। ऐसे में कांग्रेस ने सरकार बनाने के लिए जेडीएस को समर्थन देने की पेशकश की है।

आजाद ने देवगौड़ा और कुमारस्वामी से बात की
जिसके बाद आजाद ने मीडिया में बयान दिया है कि उन्होंने देवगौड़ा और कुमारस्वामी से बात की है। उन्होंने हमारे ऑफर को स्वीकार कर लिया है। उम्मीद है कि हम साथ होंगे। पूरे नतीजे आने से पहले ही कर्नाटक में सियासी समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।

कांग्रेस और जेडीएस की बनेगी सरकार
कांग्रेस के नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा है कि हम (कांग्रेस और जेडीएस) संयुक्त रूप से आज शाम को गवर्नर से मुलाकात करेंगे। हालांकि अभी देवगौड़ा खेमे से कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है।

सरकार बनाने के लिए 112 विधायकों की जरूरत
आपको बता दें कि कर्नाटक में विधानसभा की कुल 225 सीटें हैं जिनमें से 224 पर विधायकों का निर्वाचन होता है जबकि एक सीट पर सदस्य का मनोनयन किया जाता है। राज्य के 224 विधानसभा सीटों में से 222 विधानसभा सीट पर मतदान हुआ। किसी भी पार्टी को सरकार बनाने के लिए 112 विधायकों की जरूरत होगी।












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