Karnataka election result 2023: कर्नाटक की हाईप्रोफाइल सीटें, जिनके परिणाम पर टिकी हैं निगाहें
Karnataka election 2023: कर्नाटक में किस पार्टी की बनेगी सरकार? इसके परिणाम से पहले जानिए कौन-कौन सी हैं वो सीटें जहां पर हाई प्रोफाइल नेताओं की किस्मत दांव पर लगी है?

कर्नाटक विधानसभा चुनाव के वोटिंग के बाद 13 मई को वोटों की गिनती होने के बाद शनिवार की शाम चुनाव परिणाम घोषित हो जाएगा। 2028 की तरह इस बार के चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा, कांग्रेस और जेडीएस के बीच में माना जा रहा हैं।
हालांकि तीनों ही राजनीतिक दल अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रहे हैं,लेकिन कर्नाटक चुनाव के लिए वोटिंग होने के बाद आए 11 में से 4 एग्जिट पोल कांग्रेस का इस चुनाव में फायदा होने का अनुमान लगा रहे हैं, वहीं एग्जिट पोल कर्नाटक में त्रिशंकु विधानसभा होने की संभावना जता चुके हैं।
हालांकि कौन सी पार्टी कर्नाटक में सरकार बनाएगी इसका सही पता तो शनिवार शाम चुनाव परिणाम आने के बाद ही चलेगा। चुनाव परिणामों के लिए वोटिंग की गिनती से पहले आइए जातने हैं कि कर्नाटक की वीआईपी सीटों कौन सी है,जिनके परिणाम पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
वरुणा सीट
वरुणा सीट से पूर्व सीएम और कर्नाटक के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया चुनाव लड़ रहे हैं। सिद्धारमैया ने चुनाव से पहले ही कहा था कि उनका ये आखिरी चुनाव है। सिद्धारमैया को मुकाबला देने के लिए के भाजपा ने अपने कद्दावर नेता और वर्तमान मंत्री सीवी रमन्ना को मैदान में उतारा है। इस सीट पर रमन्ना के खड़े होने से सिद्धारमैया के लिए अपनी गृह निर्वाचन सीट वरुणा में चुनाव कठिन हो चुका है। इसकी वजह है कि भाजपा नेता सीवी सोमन्ना जैसे कद्दावर नेता को उनके खिलाफ खड़ा कर दिया हैं। वहीं जेडीएस ने डॉ भारती शंकर को इस सीट से मैदान में उतारा है।
कनकपुरा सीट
कनकापुरा सीट से कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार खड़े हैं। इस सीट से 2008 से डीके शिवकुमार कांग्रेस के टिकट पर जीतते आए हैं। उनकी ये गृह निर्वाचन सीट है और वोक्कालिगा नेता शिवकुमार की जीत तय मानी जा रही थी। हालांकि कि इस सीट पर शिवकुमार के खिलाफ भाजपा ने अपनी सरकार के राजस्व मंत्री आर अशोक को मैदान में उतारा है इसलिए दोनों के बीच कड़ी टक्कर होगी। अशोक राज्य के पूर्व डिप्टी सीएम रह चुके हैं।
शिगगांव सीट
उत्तर कर्नाटक की शिगगांव सीट से कर्नाटक के वर्तमान भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री बसवराज चुनाव मैदान में हैं। उनकी ये गृह निर्वाचन सीट है। लिंगायतों के नेता चौथी बार इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। उनकी जीत इस सीट से तय माना जा रहा है, इसकी वजह है कि चुनाव से ठीक पहले बोम्मई ने अपनी सरकार में लिंगायत समाज को आरक्षण दिया। पंचामसाली नेता बोम्मई के पक्ष में हैं। कांग्रेस ने बोम्मई के खिलाफ यासिर अहमद को चुनाव मैदान में उतारा है।
चन्नापटना सीट
कर्नाटक की चन्नापटनासीट से जेडीएस प्रमुख एच डी कुमारस्वामी मैदान में हैं। उनके खिलाफ भजापा ने पूर्व मंत्री सीपी योगेश्वर को खड़ा किया है। वहीं कांग्रेस ने इस सीट से गंगाधर एस को चुनाव मैदान में उतारा है। इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला होगा ये माना जा रहा है। लकड़ी के खिलौनों की नगरी के लिए विश्व प्रसिद्ध चन्नापटना में कुमारस्वामी अपनी सीट बचा पाते हैं या कांग्रेस या भाजपा उस पर कब्जा जमा लेते है ये देखना रोचक होगा।
उडुपी सीट
कृष्ण की नगरी उडुपी सीट पर भी त्रिकोणीय मुकाबला है। भाजपा ने अपने उस नेता को टिकट देकर मैदान में उतारा है जिसने भाजपा की ओर से हिजाब के खिलाफ झंडा बुलंद किया था। भाजपा ने यशपाल सुर्वणा को टिकट दिया हे। जो कट्टर हिंदूवादी हैं। भाजपा के सुवर्णा का मुकाबला जेडीएस के दक्ष आर शेट्टी और कांग्रेस के प्रसादराज कंचन से है।
हुबली- धारवाड़ सेट्रल सीट
हुबली धारवाड़ सीट के परिणाम पर सबकी निगाहें इसलिए टिकी होंगी क्योंकि भाजपा ने जब अपने छह बार विधायक रहे पूर्व मुख्यमंंत्री जगदीश शेट्टार को टिकट नहीं दिया तो उन्होंने बगावत कर दी और घोर संघी भाजपा नेता कांग्रेस में शामिल हो गया। जगदीश शट्टार भाजपा का गढ़ माने जानी वाली इस सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। शेट्टार इस सीट से पहली बार 1994 में चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। शेट्टार के खिलाफ भाजपा ने महेश तेंगिनाकाई को मैदान में उतारा है महेश की भी छवि कट्टर संघी की है। वहीं जेडीएस ने इस सीट से सिद्धलिंगशगौड़ा ओडययार को चुनाव मैदान में उतार है।
हासन सीट
भाजपा और जेडीएस के बीच इस सीट पर कड़ी टक्कर होने की संभावना है। इस सीट पर भाजपा के प्रीतम गौड़ा और जेडीएस के स्वरूप प्रकार और कांग्रेस से रंगास्वामी चुनाव मैदान में हैं।
अठानी
अथानी निर्वाचन सीट से भाजपा सरकार के पूर्व उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी जिन्होंने भाजपा से टिकट ना मिलने पर बगवत कर दी थी ओर कांग्रेस में शामिल हो गए थे। पूर्व डिप्टी सीएम लक्ष्मण सावदी इस सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हें। सवादी के खिलाफ भजापा ने महेश कुमथल्ली को चुनाव मैदान में उतारा है। तीन बार इसी सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीत चुके सवादी के जानें से भाजपा की सुरक्षित सीट खतरे में पड़ चुकी है। इस सीट पर बागवत कर कांग्रेसी बने सवादी की जीत होती हैं या फिर भाजपा उम्मीदवार की जीत होती है? इस चुनाव में ये देखना अहम होगा।
शिकारीपुरा
शिकारीपुरा सीट से पूर्व सीए येदियुरप्पा के बेटे विजयेंद्र चुनाव मैदान में भाजपा की ओर से उतारे गए हैं। ये सीट येदियुरप्पा की है। विजयेंद्र का ये पहला विधानसभा चुनाव है लेकिन अपने क्षेत्र में उन्होंने बहुत काम किया है। ये सीट उन्हें अपने पिता येदियुरप्पा से विरासत में मिली है।
कलाबुरगी क्षेत्र की चितापुर सीट
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकारुजुन खड़गे के बेटे प्रियांक खड़गे को कलाबुरगी क्षेत्र की चितापुर (एससी) सीट से चुनाव मैदान में उतरे हैं। वो इस सीट से मौजूदा विधायक हैं। प्रियांक पीएम मोदी को नालायक बेटा कहकर सुर्खियां में चुनाव के दौरान आए थे।












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