Karnataka Chunav result 2023: बेंगलुरु शहरी क्षेत्र में बीजेपी को 5 सीटें मिलीं, कांग्रेस की 2 पर जीत
Karnataka election 2023 result: बेंगलुरु शहरी क्षेत्र से भाजपा के लिए अच्छी खबर है। पार्टी ने कांग्रेस के मुकाबले यहां पांच अधिक सीटों पर जीत दर्ज की है

Karnataka Bengaluru Urban region Election result 2023: कर्नाटक के बेंगलुरु शहरी क्षेत्र में भाजपा ने अपना दबदबा दिखाया है। यहां की 7 शहरी सीटों में से 5 सीटों पर भाजपा जीती है। बाकी दो सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली है।
बेंगलुरु शहरी क्षेत्र में बीजेपी की बड़ी जीत
कांग्रेस को बेंगलुरु शहरी क्षेत्र में अनेकल और बयातारायणपुरा में सफलता मिली है। जबकि, बीजेपी को बेंगलुरु दक्षिण, महादेवपुरा, यशवंतपुर ,दसराहल्ली और येलहंका में जीत मिली है
कर्नाटक में कांग्रेस की बड़ी जीत
कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस के वोट प्रतिशत जबर्दस्त उछाल आया है। पार्टी को करीब 43% वोट मिले हैं। वहीं बीजेपी को 36% वोट मिले हैं। जेडीएस को करीब 13% वोट मिल रहे हैं। जबकि, सीटों के मामले में कांग्रेस 136 सीटें लेकर सबसे आगे रही है। बीजेपी 65 और जेडीएस 19 सीटें जीत पाने में सफल रही है।
कांग्रेस के वोट शेयर में काफी उछाल
अगर 2018 के विधानसभा चुनावों से तुलना करें तो कांग्रेस का वोट शेयर करीब 5% बढ़ा है और उसे इतनी सीटें मिलने की यही वजह बताई जा रही है। 2018 में कर्नाटक में भाजपा को 36.2% और कांग्रेस को 38% वोट मिले थे। जबकि, जेडीएस को 18.4% वोट मिले थे।
इस बार 73% हुई है वोटिंग
गौरतलब कि इस साल राज्य में कुल 73% वोटिंग हुई है, जो कि एक रिकॉर्ड है। यह भी माना जाता है कि ज्यादा वोटिंग सरकार के खिलाफ एंटी-इंकंबेंसी को दिखाता है। कांग्रेस ने इस चुनाव में वहां भ्रष्टाचार को भी बड़ा मुद्दा बनाया था और चुनाव परिणाम उसी के हक में गए हैं।
कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन का ट्रेंड बरकरार
कर्नाटक में दशकों से यह भी ट्रेंड रहा है कि वहां हर चुनाव में सरकारें बदल जाती हैं। इस बार का चुनाव भी उसी ट्रेंड को जाहिर कर रहा है। कांग्रेस 2018 में दूसरे नंबर की पार्टी बनकर भी सरकार में जरूर आई थी, लेकिन फिर बीजेपी ने सरकार बना ली थी। 2013 में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिला था और वह पूरे पांच साल तक सत्ता में रही थी।
कर्नाटक में इस बार के चुनाव परिणाम ने कांग्रेस में जान फूंक दिया है। लेकिन, उसे इसी साल के आखिर में होने वाले राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों में बड़ी चुनौती मिलने वाली है। क्योंकि, इनमें से दो राजस्थान और छत्तीसगढ़ में उसकी ही सरकारें हैं।












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