कर्नाटक में बढ़ी टेंशन, डीके शिवकुमार बोले- ' सब कुछ या कुछ नहीं', पूूछा सिद्धारमैया ने 3 साल में क्या किया
कर्नाटक में बढ़ी टेंशन, डीके शिवकुमार बोले- ' सब कुछ या कुछ नहीं', पूूछा सिद्धारमैया ने 3 साल में क्या किया

कर्नाटक में प्रचंड जीत हासिल करने वाली कांग्रेस मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी अंदर चल रही अंदरूनी कलह से जूझ रही है। कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन, सोनिया गांधी, और राहुल गांधी समेत अन्य नेता बैठक पर बैठक कर रहे हैं लेकिन अब तक मुख्यमंत्री को लेकर निर्णय नहीं सुनाया गया है। इसके पीछे वजह है सिद्धारमैया की टक्कर में खड़े हुए डी के शिवकुमार। डीके किसी भी हालत में सीएम पद से कम में मानने वाले नजर नहीं आ रहे है।
तीन साल में सिद्धारमैया ने क्या किया?
बुधवार को कांग्रेस के पार्टी प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने कांग्रेस के शीर्ष नेताओं को स्पष्ट कर दिया है कि वह उपमुख्यमंत्री पद के लिए तैयार नहीं हैं। सूत्रों ने अनुसार दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान से मुलाकात कर डीके शिवकुमार ने पूछा कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद के शीर्ष दावेदार सिद्धारमैया ने बीते तीन साल में कांग्रेस को जीत हासिल कराने के लिए क्या किया है।
डीके को छह अहम विभााग समेत डिप्टी सीएम का दिया गया ऑफर
सिद्धारमैया को सीएम बनाया जाना बड़े विधायकों का समर्थन और उनकी लोकप्रियता का दावा करने वाले सर्वेक्षणों और मुख्यमंत्री के रूप में उनके 5 साल के पूरे कार्यकाल पर आधारित है। वहीं शिवकुमार के करीबी सूत्रों ने कहा कि कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष को छह विभागों के साथ उपमुख्यमंत्री पद की पेशकश की गई थी, लेकिन वो इसके लिए तैयार नहीं हैं।
कुछ नहीं, कोई चर्चा नहीं। बस प्रणाम...
शिवकुमार और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की बुधवार की शाम 6 बजे दूसरे दौर की बैठक होने की उम्मीद थी, लेकिन शिवकुमार को उनके भाई और कांग्रेस सांसद डीके सुरेश के आवास से निकलते देखा गया। खड़गे और राहुल गांधी से मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर शिवकुमार ने कहा, 'कुछ नहीं, कोई चर्चा नहीं। बस प्रणाम...'
कांग्रेस सिद्धारमैया को ही बनाएगी मुख्यमंत्री
हालांकि बुधवार को मिल रही खबरों के अनुसार सिद्धारमैया कर्नाटक के अगले मुख्यमंत्री हो सकते हैं। उनका शपथ ग्रहण गुरुवार को होने की संभावना है। हालंकि कांग्रेस ने इन दावों को खारिज कर दिया और कहा कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद को लेकर अभी भी पार्टी आलाकमान में विचार-विमर्श अभी भी चल रहा है।
कर्नाटक चुनाव में डीके की है अहम भूमिका
सिद्धारमैया को सीएम की रेस में आगे हैं, जबकि शिवकुमार को एक मजबूत स्थिति लेते हुए देखा जाता है, उनका दावा है कि राज्य के पार्टी प्रमुख के रूप में विधानसभा चुनाव उनके नेतृत्व में जीते गए थे और उन्होंने इस जीत को सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत की है।












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