DK Shivakumar: संकल्प हुआ पूरा, फिर क्यों नहीं मुंडवाएंगे दाढ़ी? बोले- 'अभी भी वह समय नहीं आया'
कर्नाटक में कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने कहा है कि उनका संकल्प अभी बाकी है और जब वह पूरा हो जाएगा, तभी दाढ़ी बनाएंगे। उन्होंने सत्ता में वापसी के लिए यह संकल्प लिया था, जो कि पूरा हो गया है।

Karnataka CM & Deputy CM Oath-Taking Ceremony: कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनने की तैयारी है। कांग्रेस की जीत के दो बड़े किरदार सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार क्रमश: मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री बनने को तैयार हैं। इसके साथ ही शिवकुमार का एक प्रण पूरा हुआ है।

शिवकुमार का प्रण हुआ पूरा
टीओआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने प्रण लिया था कि जबतक उनकी सरकार में वापसी नहीं होगी, वह अपनी दाढ़ी नहीं मुंडवाएंगे। यह संकल्प उन्होंने तब लिया था, जब वह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के एक केस में जेल में थे। अब उनकी सरकार में वापसी हो गई है।

'मैं अभी भी धैर्य से काम ले रहा हूं'
जब उनसे यही सवाल किया गया कि आपका संकल्प तो पूरा हो गया है, क्या अब आप अपनी दाढ़ी बनाएंगे? उन्होंने जवाब दिया कि 'नहीं, अभी भी वह समय नहीं आया है। मैंने कई बार कहा है कि धैर्य मेरी शक्ति है। मैं अभी भी धैर्य से काम ले रहा हूं।'

दाढ़ी बनाने के सवाल को क्यों टाल गए शिवकुमार?
स्वभाविक तौर पर उनसे अगला सवाल किया कि यानि आप जबतक मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे तबतक अपनी दाढ़ी नहीं कटवाएंगे? इसपर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। वे बोले, 'मैं इस सवाल का जवाब नहीं दे रहा हूं। अभी फोकस सरकार के गठन और इसकी स्थिरता सुनिश्चित करने की है, ताकि हम अपनी 'गारंटी योजनाओं' को पूरा कर सकें, जिसका हमने वादा किया है।'
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सत्ता साझा करने पर क्या बोले?
जब उनसे उनके उस बयान के बारे में पूछा गया कि सीएम का पद पैतृक संपत्ति नहीं है, जिसे साझा किया जाए तो फिर कैसे समझौता कर लिया? इसपर उनका जवाब था कि 'यह न तो समझौता है और न ही सत्ता साझा करना। यह एकजुट रहकर सरकार बनाने और जनता से जो हमने जो वादे किए हैं, उसे पूरा करने के लिए। '

'यह शर्तों के बारे में बात करने का समय नहीं है'
उनके मुताबिक वह सोनिया गांधी को अपनी मां कहते हैं और हमेशा पार्टी हाई कमान से बंधे रहे हैं। सिद्दारमैया और उनके बीच सीएम पद के 30 महीने के बंटवारे के बारे में उन्होंने बताया कि 'यह शर्तों के बारे में बात करने का समय नहीं है। यह परफॉर्म करने का समय है। हमारे हाथ में जो काम है उसे करने दीजिए।'

पहली प्राथमिकता गारंटी पूरा करना- शिवकुमार
उन्होंने भरोसा दिलाया है कि उनकी सरकार पहली ही कैबिनेट बैठक में गारंटी योजनाओं पर मुहर लगाएगी। इन योजनाओं पर अमल करना उनकी प्राथमिकता है। जहां तक सरकार में विभिन्न जातियों की भागीदारी की दावेदारी की बात है तो उसके बारे में उनका कहना है कि इसे पार्टी के अंदर तय किया जाएगा।

भारी बहुमत से बन रही है कांग्रेस की सरकार
कर्नाटक विधानसभा के चुनाव के बाद13 मई को आए नतीजों में 224 सीटों में से कांग्रेस ने 135 सीटें लेकर भारी बहुमत हासिल की है। बीजेपी सिर्फ 66 सीटें लेकर सत्ता से बेदखल हो चुकी है। अब कांग्रेस की नई सरकार की ताजपोशी होने के बाद उसपर उन तमाम लोकलुभावन वादे पूरे करने का दबाव रहेगा, जो उसने चुनाव अभियान के दौरान किए हैं।
चुनाव नतीजे आने के पहले पांच दिन तो बेंगलुरु से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस इसी माथापच्ची में रह गई कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा। अब इस सबसे बड़े सवाल का जवाब पार्टी ने खोज लिया है और दूसरे सबसे अहम दावेदार डीके शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री पद के लिए राजी कर लिया है।












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