कर्नाटक कांग्रेस सरकार की अन्ना भाग्य स्कीम को लगा एक और झटका, तेलंगाना ने भी चावल देने से किया इनकार
कर्नाटक कांग्रेस सरकार की अन्ना भाग्य स्कीम को ग्रहण लग चुका है। तेलंगाना ने भी कर्नाटक को इस स्कीी के लिए चावल देने से इनकार कर दिया है।
कर्नाटक की नवगठित कांग्रेस सरकार की अन्ना भाग्य स्कीम अधर में लकटती हुई नजर आ रही है। इसकी वजह है तेलंगाना सरकार ने कांग्रेस सरकार को झटका देते हुए अन्ना भाग्य योजना के लिए चावल देने से इनकार कर दिया है।
सिद्धारमैया सरकार को तेलंगाना सरकार ने साफ लब्जों में इनकार करते हुए कहा कि उनके पास पर्याप्त मात्रा में चावल नहीं है।

बता दें कांग्रेस पार्टी ने कर्नाटक चुनाव के दौरान जनता से पांच मुफ्त गारंटियों का वादा किया था, उसी में से एक ये अन्ना भाग्य योजना भी शामिल है। जिसके तहत प्रदेश सरकार बीपीएल कार्ड धारकों के हर परिवार को 10 किलो चावल मुफ्त देने का वादा किया था।
कर्नाटक में सरकार बनाने के तुरंत बाद कांग्रेस सरकार ने इस अन्ना भाग्य योजना को लागू तो कर दिया है लेकिन उसके पास मुफ्त में बांटने के लिए चावल का स्टॉक ही नहीं है।
पांच दिन पहले ही कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने आरोप लगाया था कि मोदी प्रशासन पर अन्ना भाग्य योजना को रोकना चाहती है।
2.28 लाख मीट्रिक टन चावल खरीदने के लिए कांग्रेस ने की थी मांग
12 जून को सीएम सिद्धारमैया ने इसको लेकर बयान दिया था कि भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ने ओपन मार्केट सेल स्कीम (ओएमएसएस) के तहत 2.28 लाख मीट्रिक टन चावल खरीदने के कर्नाटक के अनुरोध को मंजूरी दे दी है। लेकिन 13 जून को केंद्रीय मंत्रालय ने एफसीआई को लिखा कि ओएमएसएस को राज्य सरकारों के लिए बंद कर दिया गया है।
भाजपा पर सीएम ने लगाया ये आरोप
ये जानकारी देते हुए कर्नाटक सीएम सिद्धरमैया ने केंद्र की भाजपा सरकार पर बदले की भावना में ये सब करने का आरोप लगाया है। हालांकि भाजपा ने कांग्रेस के इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था।
कांग्रेस को अपनी इस फ्री अन्ना भाग्य योजना के लिए जब चावल नहीं मिला तो उसने अपने पड़ोसी राज्य तेलंगाना से चावल मांगा लेकिन वहां से भी कांग्रेस सरकार को झटका लगा है।
तेलंगाना सरकार ने कहा मेरे पास चावल नहीं है
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव से बात करने के बाद यह बात कही। सिद्धारमैया ने प्रेस कान्फ्रेंस में कहा तेलंगाना सरकार ने कहा कि उनके पास चावल नहीं है।
कांग्रेस ने मंगाया है छत्तीसगढ़ से चावल
हालांकि उन्होंने ये भी बताया कि अब कर्नाटक ने चावल के लिए कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ से भी संपर्क किया है। सिद्धारमैया ने कहा, उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ से चावल भेजने में परिवहन लागत अधिक आएगी।












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