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कर्नाटक में 'कावेरी आरती' की तैयारी, बीजेपी शासित यूपी से कांग्रेस सरकार क्यों ले रही है प्रेरणा?

Karnataka News: कर्नाटक सरकार इस समय कई तरह के घोटालों के आरोपों में घिरी हुई है। इस दौरान राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने वाराणसी के गंगा आरती की तर्ज पर कावेरी आरती की तैयारी शुरू कर दी है।

कर्नाटक सरकार ने उत्तर प्रदेश में वाराणसी के गंगा घाटों पर आयोजित होने वाली गंगा आरती की तरह की ही यह पवित्र प्रथा कावेरी तट पर भी आयोजित करने की घोषणा की है।

cauvery aarti

वाराणसी की गंगा आरती से प्रेरित हुई कर्नाटक सरकार
यह एलान कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोमवार को किया है। उनके पास जल संसाधन विभाग की भी जिम्मेदारी है। वे सोमवार को मांड्या जिला स्थित कृष्णासागर डैम देखने गए थे, जो इस समय बरसात की वजह से पूरी तरह से लबालब भर चुका है। वहीं पर उन्होंने ऐसी बात कर दी जो हाल के दिनों में कांग्रेस सरकार की ओर चौंकाने वाली योजना लगती है।

कावेरी किनारे आरती का आयोजन शुरू करेगी कर्नाटक सरकार
हालांकि, कावेरी आरती किस जगह पर आयोजित की जाएगी, यह फैसला अभी नहीं लिया गया है। इस मौके पर शिवकुमार ने कहा, 'हम एक महीने के अंदर कावेरी के किनारे आरती के लिए उचित स्थान को अंतिम रूप दे देंगे और संबंधित कार्यक्रम तैयार करेंगे।'

कावेरी आरती से पहले विधायकों की एक टीम वाराणसी जाएगी
इस परियोजना की देखरेख की जिम्मेदारी सौंपने के लिए कावेरी बेसिन के विधायकों, मुजराई विभाग और कावेरी नीरावरी निगम (सीएनएनएल) के अधिकारियों समेत 20 सदस्यीय एक समिति बनाई जाएगी। शिवकुमार ने जो जानकारी दी है उसके अनुसार मांड्या, मैसूर और कोडागु जिलों के कावेरी क्षेत्र से आने वाले विधायकों की एक टीम भी इस योजना पर अपनी समझ बढ़ाने से पहले वाराणासी का दौरा करेगी।

वाराणसी के लोगों से भी कावेरी आरती शुरू करने में लिया जाएगा सहयोग
वाराणसी जाने वाली विधायकों की इस टीम की अगुवाई कर्नाटक के कृषि मंत्री एन चेलुवरायस्वामी करेंगे। यह टीम खुद जाकर वाराणसी में गंगा आरती देखेगी और उसी आधार पर राज्य सरकार को एक रिपोर्ट बनाकर देगी। वाराणसी का एक प्रतिनिधिमंडल इस यात्रा का समन्वय करेगा और कावेरी घाट पर आरती के आयोजन और उसके लिए आदर्श स्थान की पहचान करने में मदद करेगा।

धार्मिक पर्यटन पर टिकी है कर्नाटक सरकार की नजर
कर्नाटक सरकार को भरोसा है कि इस तरह के धार्मिक आयोजन से प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। क्योंकि, उत्तर में गंगा की तरह ही दक्षिण भारत में कावेरी एक पवित्र नदी मानी जाती है। डिप्टी सीएम के मुताबिक इस कार्यक्रम से कावेरी नदी के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्त्व को और अहमियत मिलेगी।

आरती के अलावा, कर्नाटक सरकार पीपीपी मॉडल के जरिए कृष्णा सागर बांध पर स्थित वृंदावन गार्डन के नवीनीकरण की भी योजना बना रही है। शिवकुमार का कहना है कि नवीनीकरण की वजह से करीब 8,000 लोगों के लिए रोजगार पैदा होगा। इस संबंध में जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव पेश किए जाने की तैयारी है।

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