प्रियंका गांधी के 'बिकनी' वाले बयान पर बीजेपी MLA ने कहा- महिलाओं के कपड़ों की वजह से रेप बढ़े
बेंगलुरु, 09 फरवरी: कर्नाटक में जारी हिजाब विवाद के बीच कर्नाटक बीजेपी विधायक रेणुकाचार्य के एक हालिया बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के कपड़ों की वजह से रेप बढ़ रहे हैं। विधायक रेणुकाचार्य की ओर से यह आपत्तिजनक बयान कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के बयान के उपर दिया गया है। दरअसल प्रियंका गांधी ने लिखा था , 'बिकिनी पहनें, घूंघट पहनें, जींस पहनें या फिर हिजाब, यह महिलाओं का अधिकार है कि वह क्या पहनें और यह अधिकार उसे भारत के संविधान से मिला है।

इस पर बीजेपी विधायक रेणुकाचार्य ने कहा कि, यह एक निम्न स्तर का बयान है, 'बिकनी' जैसे शब्द का उपयोग करना। कॉलेज में पढ़ते समय, बच्चों को पूरी तरह से कपड़े पहनाए जाने चाहिए। आज महिलाओं के कपड़ों के कारण बलात्कार बढ़ रहे हैं क्योंकि पुरुषों को उकसाया जाता है। यह सही नहीं है। हमारे देश में महिलाओं का सम्मान है। अब रेणुकाचार्य के इस बयान की आलोचना हो रही है।
पहले कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने हिजाब विवाद को लेकर ट्वीट करते हुए लिखा था , 'बिकिनी पहनें, घूंघट पहनें, जींस पहनें या फिर हिजाब, यह महिलाओं का अधिकार है कि वह क्या पहनें और यह अधिकार उसे भारत के संविधान से मिला है। भारत का संविधान उसे कुछ भी पहनने की गारंटी देता है। इसलिए महिलाओं को प्रताड़ित करना बंद करें। कर्नाटक में जारी हिजाब विवाद के चलते राज्य में तीन दिन के लिए स्कूल कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। मामला हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है।
कर्नाटक में जारी हिजाब विवाद पर कमल हासन ने भी चिंता जताई है। उन्होंने ट्वीट किया- कर्नाटक में जो हो रहा है, उससे अशांति फैल रही है। छात्रों के बीच धार्मिक जहर की दीवार खड़ी की जा रही है। पड़ोसी राज्य में जो हो रहा है वह तमिलनाडु में नहीं आना चाहिए। प्रगतिशील ताकतों के ज्यादा सावधान रहने का समय आ गया है। जस्टिस कृष्णा एस. दीक्षित की सिंगल बेच इस मामले पर दोपहर ढाई बजे सुनवाई शुरू करेगी। इससे पहले कोर्ट ने मंगलवार को कहा था कि वह इस मामले को भावनाओं नहीं बल्कि संविधान के आधार पर सुनेगा। कोर्ट ने हिजाब के समर्थन और विरोध में हो रहे स्टूडेंट के प्रदर्शनों को गलत बताया।
हिजाब को लेकर कर्नाटक में जारी विवाद में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और महिला अधिकार कार्यकर्ता मलाला यूसुफजई भी एंट्री हो गई है। मलाला ने लिखा, "कॉलेज हमें पढ़ाई और हिजाब के बीच चयन करने के लिए मजबूर कर रहा है। लड़कियों को उनके हिजाब में स्कूल जाने से मना करना भयावह है। कम या ज्यादा पहनने के लिए महिलाओं के प्रति नजरिया बना रहता है। भारतीय नेताओं को चाहिए कि वे मुस्लिम महिलाओं को हाशिए पर जाने से रोके।












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