बेंगलुरु: सीवेज सर्विलांस में आई चिंताजनक खबर, कोविड मामलों के बढ़ने के संकेत
कर्नाटक में कोरोना को लेकर एक चिंताजनक खबर आई है। वहां पर कोरोना केस लोड बढ़ने के संकेत मिले हैं।

देश में कोरोना वायरस के मामले नियंत्रित हैं, लेकिन बेंगलुरु से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। वहां पर टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ जेनेटिक्स एंड सोसाइटी (टीआईजीएस) हर हफ्ते शहर के 28 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से नमूनों का परीक्षण (सीवेज सर्विलांस) करता है। पिछले दो हफ्तों में (27 फरवरी से 4 मार्च और 20 से 25 फरवरी के बीच) एकत्र किए गए सभी नमूने कोविड-पॉजिटिव निकले हैं। अगर इसकी दिसंबर से तुलना करें तो ये बहुत ज्यादा हैं। उस वक्त सिर्फ आधे सैंपल ही पॉजिटिव निकलते थे।
जानकारी के मुताबिक जनवरी से मध्य फरवरी तक, अधिकतम वायरल लोड 1250 (SARS-Cov-2 जीनोम कॉपी प्रति एमएल) के भीतर था। जबकि 20 से 25 फरवरी के हफ्ते में अधिकतम स्तर बढ़कर 2500 हो गया। वहीं 27 फरवरी से 4 मार्च वाले हफ्ते में ये नागासंद्रा में अधिकतम स्तर 6000 दर्ज किया गया था। इसके अलावा शहर के अन्य हिस्सों में भी वायरल लोड में बढ़ोतरी हुई है। बेलंदूर और अगरा जैसे पूर्वी क्षेत्रों में पिछले दो हफ्तों में अपेक्षाकृत अधिक वायरल लोड हुआ है।
मामले में टीआईजीएस के प्रमुख वैज्ञानिक फराह इश्तियाक ने कहा कि पॉजिटिविटी बढ़ने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं है क्योंकि इन नमूनों के लिए जीनोमिक सीक्वेंसिंग पूरी नहीं हुई। फिलहाल सीवेज टेस्टिंग से ये पता चल रहा कि बड़ी संख्या में मामले बढ़ सकते हैं।
H3N2 ने भी बढ़ाई चिंता
आपको बता दें कि देश में H3N2 इन्फ्लूएंजा के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। कर्नाटक में भी इसके कई केस सामने आए। इसको लेकर सरकार की चिंता तब बढ़ी जब देश में पहली मौत हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कर्नाटक में एक 82 वर्षीय व्यक्ति की मौत H3N2 वायरस से हुई। मृतक की पहचान हलेज गौड़ा के रूप में हुई है। वो मधुमेह रोगी थे और उनको ब्लड प्रेशर की भी शिकायत थी। वो कुछ दिनों पहले H3N2 से संक्रमित हुए थे। 1 मार्च को उन्होंने दम तोड़ दिया। स्वास्थ्य विभाग ने भी इसकी पुष्टि की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. के सुधाकर ने अधिकारियों के साथ बैठक की और हालात से निपटने को रणनीति बनाई।












Click it and Unblock the Notifications