कर्नाटक चुनाव: जमानत जब्त के मामले में भाजपा और जेडीएस का रिकॉर्ड खराब, कांग्रेस का शानदार प्रदर्शन
Karnataka Election 2023: कर्नाटक में चुनाव की तैयारी जोरों पर है। राज्य 10 मई को चुनाव होने वाले हैं और 13 मई को परिणाम आएंगे। लेकिन प्रदेश के चुनाव इतिहास से जुड़ कुछ आंकड़े आपको हैरान कर देंगे।

Karnataka Assembly Election 2023: कर्नाटक विधानसभा चुनाव में 15 दिन से भी कम का समय रह गया है। राज्य में 10 मई को चुनाव होने जा रहा है जबकि 13 मई को नतीजे आएंगे। लेकिन चुनाव से पहले कई दिलचस्प आंकड़े भी सामने आ रहे हैं। आज हम आपको बताएंगे कि साल 2004 के बाद से किस पार्टी की जमानत सबसे अधिक जब्त हुई हैं और किसका प्रदर्शन शानदार रहा है।
जमानत जब्त के मामले में जेडीएस का रिकॉर्ड सबसे खराब
साल 2004 से निकाले गए चुनावी आंकड़ों के मुताबिक जेडीएस उम्मीदवारों की जमानतें सबसे अधिक जब्त हुई हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक 2004 से 2018 तक हुए चुनाव में जेडीएस ने कुल 861 उम्मीवारों को उतारा लेकिन इनमें से 50 फीसदी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।
भाजपा का रिकॉर्ड भी खराब
साल 2004 से निकाले गए चुनावी आंकड़ों के मुताबिक जेडीएस के बाद भाजपा का रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक 2004 से 2018 तक हुए चुनाव में भाजपा ने कुल 868 उम्मीदवार उतारे लेकिन इनमें से 25 फीसदी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। हालांकि एक भाजपा नेता ने इसका कारण भी बताया। उन्होंने कहा कि 2004 से 2014 तक भाजपा का मजबूत जनाधार नहीं था। लेकिन बाद में यह स्थिति अच्छी हो गई।
कांग्रेस का प्रदर्शन सबसे अच्छा
साल 2004 से निकाले गए चुनावी आंकड़ों के मुताबिक कांग्रेस का सबसे शानदार प्रदर्शन रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक 2004 से 2018 तक हुए चुनाव में कांग्रेस ने 891 उम्मीदवार उतारे जिनमें से केवल 54 यानी 6 फीसदी उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई।
2004 से वोट शेयर में भी कांग्रेस आगे
चुनाव आयोग के आंकड़ों से पता चलता है कि कांग्रेस ने 2004 के बाद से हुए चुनावों में संचयी रूप से भाजपा की तुलना में अधिक सीटें जीती हैं। वोट शेयर के रूप में, 891 कांग्रेस उम्मीदवारों को 4.3 करोड़ मिले, जबकि 868 भाजपा उम्मीदवारों को 3.5 करोड़ जबकि जद (एस) के 861 उम्मीदवारों को 2.3 करोड़ वोट।












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