Kargil Vijay Diwas: जंग में बेटों के साथ बेटियां भी बनीं वीरता की मिसाल, कहानी गुंजन व श्रीविद्या की
Kargil Vijay Diwas 2025 (Gunjan Saxena, Sreevidya Rajan): 26 जुलाई को देश में कारगिल विजय दिवस मनाया जा रहा है। उन वीर जवानों को याद किया जा रहा है, उन्होंने 26 साल पहले भारत-पाकिस्तान युद्ध में अदम्य साहस दिखाया और जान की बाजी तक लगा दी थी। कारगिल की जंग में न केवल बहादुर फौजी बेटे बल्कि बेटियों ने भी खूब पराक्रम दिखाया था।
कारगिल विजय दिवस 2025 के अवसर पर आइए जानते हैं ऐसी ही दो बहादुर महिला सैनिक फ्लाइट लेफ्टिनेंट गुंजन सक्सेना और श्रीविद्या राजन के बारे में, जिन्होंने घुसपैठियों को भारत की सरजमीं से खदेड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

फ्लाइट लेफ्टिनेंट श्रीविद्या राजन
कारगिल जंग में भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय और भारतीय वायुसेना ने ऑपरेशन सफेद सागर चलाया था। फ्लाइट लेफ्टिनेंट श्रीविद्या राजन को चीता हेलीकॉप्टर उड़ाकर टोही मिशन में मदद पहुंचाने का जिम्मा मिला था, जिसे उन्होंने बखूबी व बहादुरी से निभाया। बर्फीली ऊंचाइयों और दुश्मन की भीषण गोलीबारी के बीच उन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में महिला सैनिकों की भूमिका को साहसपूर्वक स्थापित किया। हालांकि श्रीविद्या के मिशन कारगिल फ्रंट के बेहद नजदीक नहीं थे, लेकिन उन्होंने जोखिम भरे इलाकों में उड़ान भरकर महिला पायलटों की जिम्मेदारी और साहस को सिद्ध किया।
फ्लाइट लेफ्टिनेंट गुंजन सक्सेना
गुंजन सक्सेना ने भी कारगिल जंग में चीता हेलीकॉप्टर उड़ाया और द्रास व बटालिक सेक्टरों में 40 से ज्यादा टोही मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। घायल सैनिकों को अस्पताल पहुंचाने में भी मदद की। गुंजन सक्सेना को कारगिल युद्ध के दौरान किए गए साहसिक कार्यों के लिए देशभर में सराहना मिली। उनके जीवन पर 'द कारगिल गर्ल' नाम से फिल्म भी बनी।
महिला पायलटों की राह आसान बनी
कारगिल जंग से पहले तक भारतीय वायुसेना में महिलाएं शॉर्ट सर्विस कमीशन के जरिए सात साल ही देश सेवा कर सकती थीं। उन्हें फुल कमीशन नहीं दिया जाता था। भारतीय वायुसेना के साल 1994 के पहले बैच की 25 ट्रेनी पायलटों में शामिल गुंजन सक्सेना और श्रीविद्या राजन भी शामिल थीं। कारगिल युद्ध में अदम्य साहस दिखाकर गुंजन और विद्या ने अन्य महिला सैनिकों के लिए भारतीय वायुसेना में आगे की राह आसान की।
कारगिल युद्ध की टाइमलाइन
- 3 मई 1999
- पाकिस्तानी घुसपैठियों के बारे में सूचना मिली।
- 5 मई
- भारतीय सेना पर घुसपैठियों ने हमला किया। उनकी टोह लेने गए जवानों को बंधक बनाया गया।
- 10 मई
- पाकिस्तानी सैनिक कारगिल की चोटियों पर कब्जा किए मिले।
- 26 मई
- भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय शुरू किया।
- 1 जून
- पाकिस्तानी सेना ने नेशनल हाईवे-एक पर भीषण फायरिंग की।
- 6 जून
- भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई की और पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया।
- 9 जून
- बटालिक सेक्टर में इंडियन आर्मी ने कई ठिकानों पर दोबारा कब्जा जमाया।
- 13 जून
- तोलोलिंग की पहाड़ी को भी भारतीय सेना ने अपने कब्जे में लिया।
- 4 जुलाई
- टाइगर हिल पर भी पाक को मुंह की खानी पड़ी। भारतीय सेना ने फिर कब्जा जमाया।
- 7 जुलाई
- जुब्बार हाइट्स पर भी भारतीय कब्जे में आ गई।
- 11 जुलाई
- भारतीय सेना के अदम्य साहस को देखते हुए पाकिस्तान को पीछे हटना पड़ा।
- 26 जुलाई
- कारगिल जंग में भारत की जीत हुई। उसकी याद में आज विजय दिवस मनाया जाता है।












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