Karantaka Election: हिमंत बिस्वा सरमा का तंज, आखिर राहुल गांधी की गारंटी कौन लेगा?
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो एक बार हारने के बाद अमेठी छोड़ केरल चला जाए, उसकी गारंटी कौन लेगा।

Karantaka Election: कर्नाटक में चुनाव प्रचार को थमने में सिर्फ एक दिन और बचा है। ऐसे में तमाम राजनीतिक दल चुनाव प्रचार में अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। एक तरफ जहां पीएम मोदी लगातार रोड शो कर रहे हैं तो दूसरी तरफ राहुल गांधी भी आज रोड शो करेंगे।
इस बीच राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि वह कर्नाटक के लोगों को गारंटी दे रहे हैं, लेकिन खुद राहुल गांधी की गारंटी कौन लेगा।
सरमा ने कहा कि मेरा पहला सवाल यह है कि राहुल गांधी के लिए कौन गारंटी देगी। आज आपने देखा कि राहुल गांधी उत्तर प्रदेश के सांसद थे, एक बार हार मिलने के बाद वह केरल चले गए। ऐसे में उनकी गारंटी कौन लेगा।
अमेठी के लोग भ्रमित हैं कि उन्होंने इस परिवार को इतने साल तक समर्थन दिया, जीत दिलाई, एक बार हार के बाद वह प्रदेश के बाहर चले गए। पिछले पांच साल से वह अमेठी नहीं गए हैं। क्या आप ऐसे व्यक्ति की गारंटी पर भरोसा कर सकते हैं जो खुद की गारंटी नहीं दे सकते हैं।
एक दिन आप उन्हें लंबी दाढ़ी में देखेंगे, अगले दिन आप उन्हें क्लीन शेव में देखेंगे। एक दिन वह आलू के बारे में बात करेंगे, अगले दिन कुछ और बोलेंगे। यहां तक कि उनकी मां भी राहुल गांधी को लेकर चिंतित हैं आखिर कैसे उन्हें स्थापित किया जाए।
सोनिया गांधी अकेले यह लड़ाई पिछले 20 साल से अपने बेटे को स्थापित करने के लिए संघर्ष कर रही हैं। वह संघर्ष कर रही हैं कि कैसे अपने बेटे के लिए अच्छी आजीविका सुरक्षित कर सके। ऐसे में कैसे ऐसा व्यक्ति सामने आकर कर्नाटक के लोगों को गारंटी दे सकते है।
हिमंत बिस्वा सरमा पर पलटवार करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि उससे बदला लालची कोई है ही नहीं। हिमंत बिस्वा सरमा से बड़ा लालची कोई है ही नहीं, सत्ता की लालच में उसने कांग्रेस पार्टी छोड़ दी, जिस पार्टी ने उसे पहचान दी।
वह बिना रीढ़ का व्यक्ति है, एक जांच बैठने के बाद भारतीय जनता पार्टी की गोद में जाकर बैठ गया। आज कांग्रेस पर आरोप लगा रहा है, आपकी पहचान ही कांग्रेस पार्टी से रही है। अब दल बदलू सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर आरोप लगाएंगे। उसकी नैतिकता है क्या कि आरोप लगाए।
हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि जब पीएफआई पर प्रतिबंध लगा था तो कई दलों ने इसकी आलोचना की थी। लेकिन कांग्रेस अपनी धर्मनिरपेक्षता के चलते इसकी निंदा नहीं कर पाई। अब ये लोग बजरंग दल की तुलना उससे कर रहे हैं।
कर्नाटक में जब सिद्धारमैया की सरकार थी तो उन्होंने पीएफआई के खिलाफ केस वापस लिए थे। इसके सदस्यों को जेल से रिहा किया था। बता दें कि कर्नाटक में विधानसभा चुनाव 10 मई को होने हैं। ऐसे में पार्टी का प्रचार करने के लिए सरमा मंगलुरू पहुंचे हैं।












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