भट्ट को आया गुस्सा बोले...देश लोगों के मूड के हिसाब से चलेगा या पॉलिसी से
मुंबई। पाकिस्तानी कलाकारों की पैरवी करके मनसे के निशाने पर आए मशहूर निर्माता-निर्देशक और लेखक महेश भट्ट ने कहा है कि 'ऐ दिल है मुश्किल' का विरोध करने वाले पहले ये तय करें कि देश लोगों के मूड के हिसाब से चलेगा या पॉलिसी के हिसाब से। लोग जिसकी फिल्म का विरोध कर रहे हैं, वो यानी करण जौहर तो सच्चा हिंदुस्तानी है।
और जब ये फिल्म बननी शुरू हुई थी, तब भारत-पाक के रिश्ते काफी अच्छे थे। इसलिए करण जौहर ने फवाद खान को अपनी फिल्म में जगह दी थी। हमारे देश के पीएम नरेन्द्र मोदी खुद पाकिस्तान गए थे और नवाज शरीफ को गले लगाकर आए थे लेकिन आज जब रिश्ते बिगड़ गए तो फिल्म वालों को कोसा जा रहा है।
अरे अब लोगों को ये तय करना होगा कि ये देश लोगों के मूड के हिसाब से चलेगा या फिर पॉलिसी के हिसाब से। 'ऐ दिल है मुश्किल' को रिलीज न करने में नुकसान किसका है, पहले लोग ये सोचे तो बेहतर है।
आपको बता दें कि महेश भट्ट ने ये बातें शनिवार को चंडीगढ़ में इराकी पत्रकार मुन्नतउदर-अल-जैदी की लिखी किताब The Last Salute to President Bush पर बेस्ड प्ले The last Salute की लॉ़चिंग के मौके पर कही। गौरतलब है कि महेश भट्ट के इसी विचार पर मनसे के कार्यकर्ता ऐमी खोपकर ने कहा था कि महेश भट्ट बेवकूफ आदमी है, उसे पाकिस्तान चले जाना चाहिए।
मालूम हो कि करण जौहर की फिल्म 'ऐ दिल है मुश्किल' में पाकिस्तानी एक्टर फवाद खान के काम करने की वजह से चार राज्यों के सिनेमा मालिकों ने फिल्म को रिलीज ना करने का फैैसला किया है।













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