84 के दंगों के आरोपों से आहत कमलनाथ ने दिया पद से इस्तीफा, सोनिया ने किया मंजूूर
नई दिल्ली। आखिरकार आरोपों से तंग आकर कमलनाथ ने वो ही किया जो उनके विरोधी कह रहे थे, जी हां बुधवार देर रात कांग्रेस महासचिव कमलनाथ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है जिसे की कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी ने मंजूर भी कर लिया है।
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते ही कमलनाथ को पंजाब और हरियाणा का प्रभार दिया गया था जिसके बाद उन्हें लेकर काफी विरोध शुरू हो गया था।
कमलनाथ को दंगों में भूमिका के लिए कांग्रेस दे रही पुरस्कार : आप
उन पर आम आदमी पार्टी, अकाली दल और भाजपा ने पंजाब में सिख विरोधी दंगे के लिए जिम्मेदार ठहराते हए उनके प्रभारी बनाये जाने का विरोध किया था, यही नहीं खुद कांग्रेस में कमलनाथ को लेकर विरोधी सुर पनप रहे थे जिससे तंग आकर कमलनाथ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
पंजाब में अगले साल चुनाव
आपको बता दें कि पंजाब में अगले साल चुनाव है, पार्टी चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी और भाजपा को कोई मुद्दा नहीं देना चाहती इसी कारण उसने कमलनाथ का इस्तीफा मंजूर कर लिया।
84 के दंगों के आरोपों से आहत कमलनाथ ने दिया पद से इस्तीफा
अपने बयान में कमलनाथ ने कहा कि पंजाब इन दिनो ड्रग्स और किसानों की समस्याओं से ग्रसित है और लोग सिख दंगों की बातें कर रहे हैं जिसकी तस्वीर पहले से ही साफ हो चुकी है, इन्हीं बातों से आहत मैं प्रभारी पद से इस्तीफा दे रहा हूं।
1984 की हिंसा में कमलनाथ का नाम
गौरतलब है कि कमलनाथ का विरोध करते हुए आप ने कहा था कि कांग्रेस कमलनाथ को तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के आदेश का पालन करने के बदले पुरस्कृत कर रही है। सिखों के खिलाफ 1984 की हिंसा में कमलनाथ का नाम बार-बार आया है। ऐसे में वे उन्हें क्लीनचिट कैसे दे सकते हैं?













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