कमल हासन ने कहा पुरस्कार लौटाना सरकार और जनता का अपमान
हैदराबाद। रोज पुरस्कार वापस करने को लेकर आती खबरों के बीच ही भारतीय सिनेमा के महान फिल्मकारों और अभिनेताओं में से एक कमल हासन ने अपना राष्ट्रीय पुरस्कार लौटाने से साफ इंकार कर दिया है। आपको बता दें कि कमल से पहले सोमवार को ही बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान भी इसी तरह का बयान दे चुके हैं।

सम्मान वापस करने से कुछ नहीं होता
कमल के ताजे बयान के साथ ही देश में जारी सहिष्णुता और असहिष्णुता की बहस में एक और नाम शामिल हो गया है। हैदराबाद में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान जब कमल से इस बाबत एक सवाल पूछा गया था।
उन्होंने जवाब दिया कि सम्मान वापस करने से कुछ नहीं होगा। मैं अपना सम्मान वापस नहीं करूंगा। कमल ने यह भी कहा कि पुरस्कार वापस करना सरकार और जनता का अपमान होता है।
बात रखने के दूसरे तरीके
कमल के मुताबिक लोगों के पास अपनी बात रखने के और भी तरीके होते हैं और उन्हें अपनाया जाना चाहिए। कमल मानते हैं कि सन 1947 से ही देश में असहिष्णुता है और इसी वजह से ही भारत का विभाजन हुआ था। कमल के मुताबिक हर पांच वर्ष में असहिष्णुता पर बहस होनी चाहिए और इस पर रोक लगनी चाहिए।
हर धर्म की इज्जत
हासन ने कहा कि मैं धार्मिक व्यक्ति नहीं हूं लेकिन मैं हर धर्म की इज्जत करता हूं। अगर अवॉर्ड वापस किए जाते हैं तो इससे कुछ नहीं बदलने वाला।
अवॉर्ड वापस करने से मुद्दे को कुछ तवज्जो जरूर मिल जाएगी, लेकिन अगर वह लिखें तो मुद्दे पर इससे ज्यादा लोगों का ध्यान जाएगा। लेखकों और कलाकारों को भी अपनी तरफ से ज्यादा सहिष्णु होना पड़ेगा।
अनुपम खेर ने उठाए थे सवाल
दादरी की घटना के बाद देश में वैज्ञानिकों, साहित्यकारों और कलाकारों की ओर से पुरस्कार वापसा का सिलसिला शुरू हुआ था। इसके बाद अनुपम खेर ने इस रवैये पर सवाल उठाया था।
इसके बाद विद्या बालन ने भी साफ कहा था कि वह अपना राष्ट्रीय पुरस्कार वापस नहीं करेंगी क्योंकि यह सरकार नहीं जनता के प्यार और उनके काम की वजह से उन्हें मिला है। फिर सोमवार को शाहरुख ने भी बड़ी बेबाकी से कहा कि वह पुरस्कार वापस करने में यकीन नहीं रखते हैं।












Click it and Unblock the Notifications