धनखड़ और बनर्जी की 'तनातनी' पुरानी, जानिए मिमिक्री विवाद से पहले कब-कब आए दोनों आमने-सामने
विपक्ष के सांसदों को संसद से निलंबित किया गया। सांसद संसद परिसर में प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद कल्याण बनर्जी राज्य सभा के सभापति और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की नकल उतारने लगे। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी उनकी मिमिक्री की वीडियो बनाते नजर आए। जिसके बाद इस मामले ने तूल पकड़ लिया।
संसदीय कार्य मंत्री ने इस मुद्दे को सदन में उठाया, सभापति ने इस घटना को लेकर दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि किसान और जाट पृष्ठभूमि से आने के कारण उनका अपमान किया जा रहा है। सत्ता पक्ष ने बनर्जी से माफी मांगने को कहा पर बनर्जी मुकर गए। उन्होंने कहा कि वो तो लोक सभा के सदस्य हैं, राज्य सभा की कार्यवाही कभी टीवी पर भी नहीं देखी तो वो कैसे नकल उतार सकते हैं। इसका मतलब ये है कि धनखड़ को लगता है कि वो जैसी एक्टिंग कर रहे थे वो (धनखड़) वैसे ही दिखते हैं।

जगदीप धनखड़ और कल्याण बनर्जी के बीच की रंजिश बहुत पुरानी है
कल्याण बनर्जी ने पीएम मोदी की मिमिक्री वाली बात को बीच में लाते हुए कहा कि ये तो एक कला है। लोगों को इसका आनंद लेना चाहिए। ये तो हुई हाल फिलहाल की बात। आपको बता दें, जगदीप धनखड़ और टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी के बीच की ये रंजिश आज की नहीं, बहुत पुरानी है।
पश्चिम बंगाल में धनखड़ का कार्यकाल टीएमसी, राज्य सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ कड़वाहट से भरा हुआ रहा है। तत्कालीन राज्यपाल पर हमला बोलने में टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी हमेशा सबसे आगे रहते थे।
इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार 7 मई, 2021 को, धनखड़ ने सीबीआई के अनुरोध के आधार पर राजनेताओं द्वारा रिश्वत लेने के आरोपों की जांच में टीएमसी मंत्रियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी थी।
सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी के बाद कल्याण ने कहा था,"राज्यपाल ने राज्य सरकार या विधानसभा अध्यक्ष से सलाह नहीं ली। उन्होंने बदले की भावना से ऐसा किया है। वह खून चूसने वाले हैं। वह तृणमूल कांग्रेस का खून चूसने की कोशिश कर रहे हैं ।"
बनर्जी ने कहा था,"वह (धनखड़) 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा से टिकट हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। इसीलिए वह यह सब कर रहे हैं... हम इसके खिलाफ अदालत जाएंगे।"
'प्रेसीडेंसी जेल होगी धनखड़ की सही जगह'
उसी महीने के अंत में कल्याण ने टीएमसी कार्यकर्ताओं से धनखड़ के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराने को कहा था। 23 मई, 2021 को धनखड़ पर निशाना साधते हुए बनर्जी ने कहा था,"हम जानते हैं कि राज्यपाल के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती। लेकिन वह जीवन भर राज्यपाल नहीं रहेंगे। इसलिए मैंने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से कहा कि वे उसके खिलाफ पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज करें जहां वह अपराध, हिंसा और धार्मिक विभाजन को भड़काते पाया जाए। जब वह राज्यपाल नहीं रहेंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। शायद प्रेसीडेंसी जेल उनकी जगह होगी।"
कोरोना महामारी के दौरान कोलकाता नागरिक निकाय के कर्मचारियों द्वारा शवों को वैन में खींचकर रखने का वीडियो वायरल होने के बाद धनखड़ ने मुख्यमंत्री से माफी मांगने को कहा था।
जिसके जवाब में धनखड़ पर हमला बोलते हुए कल्याण ने कहा कि अगर वह इतने चिंतित हैं तो राजभवन को एक संगरोध केंद्र में बदल दें। उन्होंने कहा था, "अगर उन्हें (धनखड़) लोगों की परवाह है, तो मानवता के लिए उन्हें राजभवन का आधा हिस्सा कोविड रोगियों के इलाज के लिए खोल देना चाहिए या इसे संगरोध केंद्र में बदल देना चाहिए।"
ममता ने धनखड़ को ट्विटर पर कर दिया था ब्लॉक
अपने कार्यकाल के दौरान धनखड़ ने पश्चिम बंगाल में बिगड़ती कानून व्यवस्था की स्थिति से लेकर चुनाव संबंधी हिंसा और बंगाल ग्लोबल बिजनेस समिट के वित्तीय विवरण मांगने तक कई ऐसे मुद्दों को उठाया जिसकी वजह से टीएमसी सरकार मुश्किलों में फंसती नजर आई थी। ममता बनर्जी और धनखड़ के बीच रंजिशें इतनी बढ़ गई थी कि एक समय तो ममता ने उन्हें ट्विटर पर ब्लॉक कर दिया था। हालांकि, कल्याण और धनखड़ के ताजा मामले पर ममता कुछ बोलने से बचती नजर आईं। उन्होंने उल्टा ठीकरा गांधी परिवार पर फोड़ दिया। टीएमसी प्रमुख ने कहा कि यदि राहुल गांधी ने मिमिक्री की वीडियो नहीं बनाई होती तो किसी को इस बारे में पता भी नहीं चलता।












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