Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

के पद्मराजन: भारत के सबसे असफल कैंडिडेट, अटल, कलाम और राहुल के खिलाफ भी लड़ चुके हैं चुनाव

K Padmarajan तमिलनाडु के सेलम में रहने वाले के पद्मराजन अपने जीवन में करीब 300 से अधिक चुनाव लड़ चुके हैं।

K Padmarajan India s most unsuccessful candidate contested against Atal apj Kalam Rahul gandhi

K Padmarajan, कर्नाटक में 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर नामांकन जारी है। आज नामांकन का तीसरा दिन है। कई दिग्गज नेताओं और मंत्रियों ने अपना नामांकन दाखिल कर चुके हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के खिलाफ शिगगांव से एक के पद्मराजन नाम का शख्स चुनावी मैदान में है।

अब आप सोच रहे होंगे कि ऐसा क्या खास है? चुनाव है तो पार्टियां अपना प्रत्याशी उतारेगीं। लेकिन के पद्मराजन का मामला दूसरा है। के पद्मराजन का यह 234वें चुनाव है। वे निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के खिलाफ मैदान में हैं।

233 चुनाव लड़ चुके के पद्मराजन आज तक एक भी चुनाव में जीत हासिल नहीं कर सके हैं। इसलिए उन्हें देश का सबसे असफल उम्मीदवार (Most unsuccessful candidate) बताया जा रहा है। वे अटल बिहारी बाजपेयी, मनमोहन सिंह, करुणानिधि और जयाललिता के खिलाफ भी चुनाव लड़ चुके हैं।

K Padmarajan India s most unsuccessful candidate contested against Atal apj Kalam Rahul gandhi

तमिलनाडु के सलेम के रहने वाले डॉ. पद्मराजन 'इलेक्शन किंग' (Election King) के नाम से मशहूर हैं। पद्मराजन ने साल 1988 में पहली बार चुनाव लड़ा था। 300 से ज्यादा बार चुनाव के लिए नामांकन कराया है और अपने नाम सबसे असफल उम्मीदवार का अनचाहा गिनीज रिकॉर्ड दर्ज कराया है।

डॉ. पद्मराजन का नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में 'भारत के सबसे असफल उम्‍मीदवार' के रूप में भी दर्ज हो चुका है। डॉ. पद्मराजन पेशे से एक होम्‍योपैथिक डॉटक्‍र हैं, जो बाद में बिजनेसमैन बन गए। वे स्‍थानीय चुनावों से लेकर लोकसभा, राज्यसभा और राष्‍ट्रपति चुनावों तक में अपना हाथ आजमा चुके हैं।

डॉ. पद्मराजन राष्‍ट्रपति पद के लिए होने वाला चुनाव भी लड़ चुके हैं, लेकिन यहां भी असफल हुए। टायर के व्यापारी पद्मराजन ने सबसे पहले निर्दलीय के तौर पर 1986 में मेट्टूर से चुनाव लड़ा था। उसके बाद से उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह, प्रणब मुखर्जी, एपीजे अब्‍दुल कलाम, जयललिता और एम करुणानिधि के खिलाफ चुनाव लड़ा।

K Padmarajan India s most unsuccessful candidate contested against Atal apj Kalam Rahul gandhi

बार-बार चुनाव लड़ने के पीछे की वजह बताते हुए पद्मराजन ने कहा कि, यह लोगों का स्नेह और इसके साथ आने वाले प्रचार को अर्जित करने का मेरा एक तरीका है। मैं एक छोटा आदमी हूं जो दिग्गजों के खिलाफ कभी नहीं जीत सकता हूं।

डॉ. पद्मराजन का कहना है कि, उन्हें सबसे अधिक प्रसिद्धि 2019 में वायनाड से राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ने के बाद मिली। मैं सबसे असफल उम्मीदवार के रूप में अपने नाम के कारण ही चुनाव में 1,890 वोट पाने में कामयाब रहा। पद्मराजन की पत्नी और बेटा एमबीए ग्रेजुएट हैं और वे मेट्टूर में डिजिटल सेवा केंद्र का अपना आउटलेट चलाते हैं।

K Padmarajan India s most unsuccessful candidate contested against Atal apj Kalam Rahul gandhi

डॉ. पद्मराजन लड़े चुनावों में 20 लाख रुपए से अधिक की राशि जमानत के तौर पर जमा कर चुके हैं। जो हमेशा ही उनकी जब्त होती रही है। इसके बाद भी उनका चुनाव लड़ने का हौसला बरकरार है। वह बताते हैं कि, मैंने चुनाव प्रचार में कभी एक पैसा खर्च नहीं किया। हर बार जब मैं अपने लिए प्रचार करने जाता हूं, तो लोगों से कहता हूं कि वह मुझे वोट ना दें।

वह 1988 से तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और नई दिल्ली के चुनावों में नामांकन दाखिल कर चुके है। वे वडोदरा में नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन उनका नामांकन खारिज कर दिया गया था। उन्होंने चार प्रधानमंत्रियों, 11 मुख्यमंत्रियों, 13 केंद्रीय मंत्रियों और 15 राज्य मंत्रियों के खिलाफ असफल चुनाव लड़ा।

K Padmarajan India s most unsuccessful candidate contested against Atal apj Kalam Rahul gandhi

उन्होंने अब तक आठ राष्ट्रपति चुनाव, 28 लोकसभा चुनाव, 35 राज्यसभा चुनाव और 51 विधानसभा और अन्य स्थानीय निकाय चुनाव लड़े हैं। उनके विरोधी उम्मीदवारों में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा पाटिल, पूर्व प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह और अटल बिहारी वाजपेयी, तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम करुणानिधि, केरल के दिवंगत मुख्यमंत्री के करुणाकरन और पूर्व केंद्रीय मंत्री एके एंटनी शामिल हैं।

2011 में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के दौरान उन्हें सबसे ज्यादा वोट 6,273 मिले थे। उन्होंने मेट्टूर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। एक इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि वे अपनी पार्टी बनाकर उसका नाम रखना चाहें तो वह नाम क्या होगा? उन्होंने कहा कि वह अपनी पार्टी का नाम 'इलेक्शन किंग फेलियर पार्टी' रखेंगे।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+