Jyoti Malhotra Spy: ISI जासूस दानिश के कहने पर ज्योति मल्होत्रा ने की थी मुंबई की 6 बार यात्रा?
Jyoti Malhotra Spy: यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने और आईएसआई अधिकारियों के संपर्क में होने के आरोपों के आधार पर अरेस्ट किया गया है। ज्योति (Jyoti Malhotra) से हरियाणा पुलिस और केंद्रीय जांच एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं। शुरुआती पूछताछ में असहयोग करने के बाद अब वह टूटने लगी है और उसने जांच टीम के सामने कई अहम खुलासे भी किए हैं। यह भी पता चला है कि दानिश जिसे पाकिस्तानी उच्चायोग में अधिकारी के तौर पर भेजा गया था, वह असल में आईएसआई जासूस निकला है। ज्योति सबसे पहले उसके संपर्क में आई थी और फिर उसने ही उसकी पाकिस्तान यात्रा का इंतजाम किया था। दानिश के कनेक्शन से ही उसकी मुलाकात आईएसआई हैंडलर अली अहसान से हुई थी। ज्योति ने पूछताछ में मुंबई यात्रा करने की बात भी कबूल की है।
Jyoti Malhotra Spy: 6 बार की मुंबई की यात्रा
ज्योति के सोशल मीडिया अकाउंट की डिटेल्स निकालने और पूछताछ के जरिए यह भी पता चला है कि उसने जुलाई 2023 से सितंबर 2024 के बीच कई बार मुंबई की यात्रा की थी। एक अंग्रेजी दैनिक में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है इस दौरान उसने 6 बार मुंबई के अलग-अलग भीड़ भाड़ वाली जगहों पर गई थी। जांच टीम को आशंका है कि ज्योति ने ये यात्राएं दानिश के कहने पर की थी।

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इन यात्राओं का उद्देश्य मुंबई की सुरक्षा के लिए संवेदनशील जगहों की रेकी करना हो सकता है। अब तक की पूछताछ में उसने दानिश के साथ टेलीग्राम, एनक्रिप्टेड चैट्स के जरिए संपर्क में रहने की बात कबूल की है। उसने यह भी स्वीकार किया है कि दानिश के कहने पर उसने पाकिस्तान की दो बार यात्रा की थी। वहां दानिश की मदद से ही उसकी आईएसआई अधिकारी राणा शहबाज से मुलाकात हुई थी।
दानिश के जमा किए सिम का पहलगाम हमले से कनेक्शन?
भारतीय एजेंसियों को इस बात के पुख्ता प्रमाण मिल गए हैं कि 13 मई को जिस पाकिस्तानी अधिकारी दानिश को पाकिस्तान के लिए जासूसी के शक में देश छोड़ने के लिए कहा गया था, वह आईएसआई के लिए काम करता है। दानिश ने अपने कार्यकाल में उच्चायोग में काम करने वाले लोगों से हिंदुस्तानी नंबर के सिम इकट्ठा किए थे। एनआई को भी अपनी जांच में ऐसे इनपुट मिले हैं कि पाकिस्तान में बैठे आतंकियों ने कुछ स्थानीय लोगों की मदद से पहलगाम अटैक को अंजाम देने के लिए सोशल मीडिया, टेलीग्राम वगैरह और एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड ऐप इस्तेमाल किया है। अब एजेंसियां इसका पता लगा रही हैं कि दानिश के लिए सिम का इस्तेमाल कहीं इन हमलों में तो नहीं किया गया है।
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