Jyoti Malhotra पर छाया था PAK का क्रेज! वीजा, रहना-खाना और एंबेसी में बार-बार एंट्री कराने वाला कौन?
Pakistani Spy Jyoti Malhotra: हरियाणा की व्लॉगर ज्योति मल्होत्रा, जो कभी इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर ट्रैवल व्लॉग्स से लाखों दिल जीत रही थी, आज राष्ट्रीय सुरक्षा के सबसे गंभीर मामलों में घिरी हुई है। NIA और जम्मू इंटेलिजेंस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। ज्योति को 5 दिन के लिए NIA की कस्टडी में रखा गया है।
ज्योति मल्होत्रा, जो 'Travel with JO' नाम से यूट्यूब चैनल चलाती थी, पर आरोप है कि वह पाकिस्तान की ISI के संपर्क में थी। वह व्हाट्सएप, टेलीग्राम और स्नैपचैट जैसे ऐप्स के जरिए संवेदनशील जानकारी साझा करती थी। उसने अपने पाकिस्तानी संपर्कों को 'जट्ट रंधावा' जैसे कोड नामों से सेव किया था। लेकिन क्या सिर्फ व्लॉगिंग ही मकसद था या कैमरे के पीछे कोई 'स्पाई मिशन' चल रहा था? आइए 7 चैप्टर में समझें बार-बार क्यों काटती थी एंबेसी के चक्कर? कौन कराता था इंतजाम?

चैप्टर 2: पाकिस्तान एंबेसी - जहां से शुरू हुआ सब कुछ
30 मार्च 2024 को ज्योति ने एक यूट्यूब वीडियो डाला, जिसमें वह दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग की इफ्तार पार्टी में देखी गई। यहां उसने न केवल पाकिस्तानी अधिकारियों से मुलाकात की, बल्कि ईराक और चाइना के डेलीगेट्स से भी गुफ्तगू की।
इस वीडियो में एक शख्स बार-बार फ्रेम में आता है - नाम था एहसान-उर-रहीम उर्फ दानिश, जो पाकिस्तानी एंबेसी में कार्यरत था और ISI का एजेंट था। वहीं, दूसरा फ्रेम एक जगह जाकर ठहर गया- नाम सामने नहीं आया, पर बताया इस्लामाबाद एंबेसी के प्रमुख। लेकिन, ज्योति हंसते हुए कहती है - इनके बिना तो मेरी एंट्री ही नहीं होती एंबेसी में।
चैप्टर 3: हरकीरत-दानिश और ज्योति - ISI की साजिश का गुप्त नेटवर्क
सूत्रों के मुताबिक, हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के कर्मचारी हरकीरत ने ज्योति को वीजा दिलाने में दो बार मदद की थी और उसे जत्थे के हिस्से के रूप में सीमा पार भेजा था। यह सिख तीर्थयात्रियों का एक समूह है जो धार्मिक अवसरों पर प्रतिवर्ष चार बार पाकिस्तान की यात्रा करता है। हरकीरत का फोन जब्त कर लिया गया है और जांच चल रही है।
दानिश ने ही ज्योति की पाकिस्तान यात्रा, वीजा एक्सटेंशन, ठहरने की व्यवस्था और संपर्कों का पूरा इंतजाम किया। यही नहीं, उसकी पाकिस्तान में मौजूदगी के दौरान कई ISI एजेंटों से मुलाकातें भी इसी दानिश के जरिए हुईं। भारत सरकार ने अब दानिश को 'persona non grata' घोषित कर देश छोड़ने को कहा है।

चैप्टर 4: बॉर्डर की रेकी या शूटिंग?
ज्योति ने अपने यूट्यूब चैनल पर कश्मीर, लद्दाख, अटारी-वाघा और राजस्थान बॉर्डर के वीडियो शेयर किए। पैंगॉन्ग लेक जैसी LAC से सटी संवेदनशील जगहों पर ट्रैवल किया।
एक वीडियो में वह कहती है- देखो, एक बकरी पाकिस्तान से बॉर्डर क्रॉस करके आ रही है। लेकिन असली सवाल ये है - क्या वह सिर्फ बकरी देख रही थी, या फेंसिंग, निगरानी टॉवर, और बंकरों की रेकी कर रही थी?
चैप्टर 5: पहलगाम हमले के बाद अजीब बयान
22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले के बाद जब देश स्तब्ध था, तब ज्योति ने आतंकियों या पाकिस्तान को नहीं, बल्कि भारत सरकार और पर्यटकों को जिम्मेदार ठहराया। क्या यह बयान भी किसी पाकिस्तानी स्क्रिप्ट का हिस्सा था?
चैप्टर 6: 10 दिन की पाकिस्तान ट्रिप, लेकिन वीडियो पूरे महीने अपलोड
ज्योति ने एक वीडियो में साफ किया कि उसकी पाकिस्तान यात्रा 10 दिन की थी, लेकिन फेसबुक पर वीडियो 1 महीने तक चलते रहे। इस दौरान वह ननकाना साहिब, फर्रुखाबाद और लाहौर गई। एक साल में इन वीडियो को 19 लाख व्यूज और 2500 से ज़्यादा कमेंट्स मिले। क्या ये वीडियो व्लॉगिंग के लिए थे या पाकिस्तानी एजेंसियों को भेजने के लिए?
चैप्टर 7: कोड नेम, सीक्रेट ऐप्स और डिजिटल जासूसी
ज्योति अपने पाकिस्तानी संपर्कों को गुप्त नामों से सेव करती थी। वह WhatsApp, Telegram और Snapchat जैसे एन्क्रिप्टेड ऐप्स का इस्तेमाल करती थी। उस पर अब 1923 की धारा 3, 4 और 5 के तहत केस दर्ज है।
व्लॉगर या वॉर प्लानर?
ज्योति मल्होत्रा का यह केस सिर्फ एक महिला की गद्दारी का मामला नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के ज़रिए भारत की सुरक्षा में सेंध लगाने की अंतरराष्ट्रीय साजिश का खुलासा है।
अब देखना यह होगा कि NIA की पूछताछ में और क्या-क्या राज बाहर आते हैं। क्या ये नेटवर्क सिर्फ ज्योति तक सीमित है या इसके पीछे बड़ी ISI लॉबी और अन्य भारतीय एसेट्स भी हैं?












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