जस्टिस लोया की कहानी जिगरी दोस्त की ज़ुबानी

Posted By: BBC Hindi
Subscribe to Oneindia Hindi
जस्टिस लोया
BBC
जस्टिस लोया

अंग्रेजी पत्रिका 'द कैरेवान' में हाल में एक ख़बर प्रकाशित की गई थी जिसमें सोहराबुद्दीन शेख़ एनकाउंटर मामले की सुनवाई कर रहे सीबीआई की विशेष अदालत के जज बृजमोहन हरकिशन लोया की मौत पर उनके परिजनों ने संदेह जताया था.

जस्टिस लोया की मौत 30 नवंबर और एक दिसंबर 2014 की दरम्यानी रात को नागपुर में हुई थी. वो अपने साथी जज की बेटी की शादी में शामिल होने नागपुर गए थे.

जस्टिस लोया ने लातूर के दयानंद लॉ कॉलेज से एलएलबी की पढ़ाई की थी. पढ़ाई पूरी होने के बाद वकालत की शुरुआत भी उन्होंने लातूर ज़िला न्यायालय से की थी.

कॉलेज में उनके सहपाठी और लातूर ज़िला न्यायालय में सहकर्मी रहे लातूर बार असोसिएशन के सदस्य एडवोकेट उदय गावारे के अनुसार जस्टिस लोया एक उत्साही युवा थे, जो अन्याय के ख़िलाफ़ थे. उनको अपने देश के क़ानून पर पूरा यक़ीन था.

सीबीआई जज लोया की मौत की जांच की मांग

जस्टिस लोया
BBC
जस्टिस लोया

बीबीसी से बात करते हुए उदय गावारे ने जस्टिस लोया के साथ बिताए हुए पलों को याद किया. उन्होंने बताया, "जस्टिस बृजमोहन हरकिशन लोया दिलेर और बुद्धिमान इंसान थे. वो अन्याय के ख़िलाफ़ थे. उनका समाजवाद में दृढ़ विश्वास था."

वो बताते हैं, "हमलोग साथ जूनियरशिप में थे. वो हर केस को संजीदगी से लेते थे. हर केस का बेहतरीन तरीक़े से अध्ययन करते थे. यही उनकी ख़ासियत थी."

जस्टिस लोया कॉलेज के दिनों में पढ़ाई को लेकर भी काफी संजीदा रहते थे. वो विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे.

गावारे बताते हैं, "जस्टिस लोया पढ़ाई में अच्छे ज़रूर थे, पर वो किताबी कीड़ा नहीं थे. उनकी यादाश्त इतनी अच्छी थी कि जो एक बार पढ़ लेते थे, वो उन्हें याद रहती थी."

सीबीआई जज लोया की मौत के मामले में नया मोड़

जस्टिस लोया
BBC
जस्टिस लोया

नाटककार और बेहतरीन खिलाड़ी

पुरानी यादों का ज़िक्र करते हुए वो आगे जोड़ते हैं, "कॉलेज में हमलोग ख़ूब नाटक किया करते थे. वो न सिर्फ़ नाटकों में माहिर थे, टेबल टेनिस भी बेहतरीन खेलते थे."

उदय गावारे के अनुसार जस्टिस लोया इंटरनेशल कोर्ट ऑफ जस्टिस में हाल ही में चुने गए भारतीय जज दलवीर भंडारी के ओएसडी भी रहे थे.

जस्टिस लोया ने 1986 से 1994 तक लातूर कोर्ट में वकालत की. इस दौरान उन्होंने कई नामी वक़ीलों के अंदर काम किया. इसके बाद वो न्यायिक सेवा में चले गए.

गावारे बताते हैं, "लॉ की पढ़ाई पूरी करने के बाद हम 15 दोस्त वकालत में आए थे. जस्टिस लोया भी उनमें से एक थे. हमलोगों की सोच थी कि किसी के भी साथ अन्याय नहीं होने देंगे. जस्टिस लोया भी इसी तरह से सोचते थे."

उन्होंने बताया कि वो किसी भी केस का संजीदगी से अध्ययन करते थे. वो कोर्ट में तथ्यों पर बात करते थे.

सोशल मीडिया पर जज लोया की मौत की चर्चा

जस्टिस लोया
BBC
जस्टिस लोया

अंतिम बार जब वो लातूर पहुंचे थे

जस्टिस लोया सामान्य परिवार से थे. उनके परिवार में लोग व्यापार और किसानी करने थे. उनकी तीन बहनें और दो बेटे हैं.

जस्टिस लोया जिस केस की सुनवाई कर रहे थे, उसमें भाजपा के वर्तमान अध्यक्ष और गुजरात के पूर्व गृहमंत्री अमित शाह अभियुक्त थे, जिन्हें लोया की मौत की बाद सीबीआई की विशेष अदालत के अगले जज ने बरी कर दिया था.

गावारे बताते हैं कि उनके दोस्त हंसमुख इंसान थे. वो तनाव बहुत कम लेते थे, लेकिन 2014 में जब वो दिवाली में लातूर घर आए थे तो बहुत तनाव में थे.

उदय गावारे कहते हैं, "वो उस समय सोहराबुद्दीन शेख़ एनकाउंटर मामले की सुनावाई कर रहे थे और वो उसे लेकर काफ़ी तनाव में थे. वो बोलते थे कि मेरे पास बहुत सीरियस केस है. उन्होंने 'किसी' का फ़ोन आने का भी ज़िक्र किया था. उन्होंने कहा था- मैं जो भी करूंगा क़ानून के दायरे में ही करूंगा."

सीबीआई जज की मौत की जाँच होनी चाहिए: जस्टिस शाह

सुप्रीम कोर्ट
Getty Images
सुप्रीम कोर्ट

'शादी में मेरी टाई तक बांधी थी'

जस्टिस लोया जब भी बंबई से लातूर जाते थे अपने पुराने साथियों से ज़रूर मिलते थे. लेकिन 2014 में जब वो अंतिम बार वहां गए तो वे अपने दोस्तों और सहकर्मी से मिलने नहीं गए थे.

एडवोकेट उदय गावारे अपने दोस्त के साथ बिताए पलों का फिर से ज़िक्र करते हैं. कहते हैं, "1983 से 1986 तक हमलोग कॉलेज में साथ थे. हमलोग हंसते थे, खेलते थे. एक-दूसरे का सुख-दुख शेयर करते थे."

अपनी शादी के दिनों को याद करते हुए वह कहते हैं, "11 जून 1989 को मेरी शादी थी. वो दो दिन मेरे घर रहे थे. मुझे मेकअप कैसा करना है, कपड़े कैसे पहनने हैं, सब उन्होंने ही तय किया था. टाई तक बांधी थी."

"वो सारे पल ख़त्म हो गए. ये सब सोचकर आंखों में आंसू आ जाते हैं."

जिस दिन उनकी मौत हुई थी, गावारे उनके घर गए थे. उन्होंने बताया कि जस्टिस लोया के पिता और अन्य परिजन उनकी मौत को प्राकृतिक मौत नहीं मान रहे थे. उनके मन में मौत को लेकर कई सवाल थे.

BBC Hindi
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Justice Loyas Story
Please Wait while comments are loading...

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.