Justice For Rajeev: बदहाल अस्पताल को किया एक्सपोज, बैराज में मिली पत्रकार की लाश, पुलिस ने कहा- दुर्घटना
Justice For Rajeev: Uttarakhand के उत्तरकाशी जिले में दस दिन पहले लापता हुए पत्रकार राजीव प्रताप का शव रविवार को एक नदी में मिला। पुलिस ने इस मामले को दुर्घटना बताया है, लेकिन परिवार ने इसमें साजिश की आशंका जताई है। पुलिस का कहना है कि राजीव प्रताप की कार दुर्घटनाग्रस्त होकर नदी में गिर गई थी।
पुलिस ने कहा- दुर्घटना का मामला
उत्तरकाशी की पुलिस अधीक्षक सरिता डोभाल ने बताया कि कार 19 सितंबर को नदी से निकाली गई थी, लेकिन शव बह गया था। रविवार को शव जोशीयारा बैराज पर मिला। उन्होंने कहा, "परिवार ने उनकी मौत को लेकर आरोप लगाए हैं, और हम पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।"

कार खाई में गिरने की आशंका
एसपी सरिता डोभाल ने आगे बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट होता है कि उनकी कार एक खाई में गिरकर नदी में समा गई थी। घटना के समय नदी उफान पर थी। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज भी मिली है, जिसमें राजीव प्रताप को कार में अकेले बैठे देखा गया।
पत्नी का आरोप - धमकी मिल रही थी
प्रताप की पत्नी मुस्कान ने बताया कि जिस दिन वह लापता हुए, उस दिन रात 11 बजे उन्होंने उनसे बात की थी। इसके बाद वह संपर्क में नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया, "उन्होंने कहा था कि अस्पताल और स्कूल पर अपनी रिपोर्ट डालने के बाद उन्हें डर लग रहा था। उन्हें धमकी भरे फोन आ रहे थे कि वीडियो हटा दें।"
अगवा किए जाने का शक
मुस्कान ने बताया, "रात 11:50 बजे मैंने उन्हें मैसेज किया, लेकिन वह डिलीवर नहीं हुआ। मुझे लगता है कि उनका अपहरण हुआ था। यह सिर्फ सड़क से गिरने का मामला नहीं है।"
आखिरी बार कहां देखे गए थे
पुलिस ने जानकारी दी कि 36 साल राजीव प्रताप, जो आईआईएमसी के पूर्व छात्र थे, 18 सितंबर को रात करीब 11:20 बजे बस स्टॉप के पास अपनी ऑल्टो कार में अकेले बैठे दिखे थे। अगले दिन, गंगोरी के पास भागीरथी नदी में उनकी कार क्षतिग्रस्त हालत में मिली। परिवार ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। SDRF और पुलिस ने कार को बाहर निकाला। कार के अंदर एक चप्पल मिली थी। रविवार को जोशीयारा बैराज से मिला शव परिवार को दिखाया गया, जिसने उसकी पहचान राजीव प्रताप के रूप में की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार है।
परिवार का आरोप - धमकियों के कारण हुई अनहोनी
परिवार का कहना है कि उन्हें उत्तरकाशी के जिला अस्पताल पर रिपोर्ट करने के बाद धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने 16 सितंबर को इस रिपोर्ट को अपने यूट्यूब चैनल 'दिल्ली उत्तराखंड लाइव' पर डाला था।
अपहरण का केस दर्ज
परिवार की गुमशुदगी शिकायत के आधार पर उत्तरकाशी कोतवाली में अपहरण से संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई। शिकायत में कहा गया कि राजीव प्रताप इलाके में चर्चित पत्रकार थे और कई लोगों से उनकी दुश्मनी थी। परिवार ने पुलिस से आग्रह किया था कि वे उन्हें जल्द से जल्द ढूंढने में मदद करें।
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