रायपुर अदालत ने बढ़ाई पत्रकार विनोद वर्मा की न्यायिक हिरासत की अवधि, हाईकोर्ट में दायर की जमानत याचिका
रायपुर। छत्तीसगढ़ की रायपुर अदालत ने आज पत्रकार विनोद वर्मा की न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ा दी है। उनकी न्यायिक हिरासत 27 नवंबर तक के लिए बढ़ा दी गई है। वहीं आज ही वर्मा ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। आज रिमांड बढ़ाए जाने के बाद जेल जाते वक्त वर्मा ने पत्रकारों से कहा कि आज के समय में सबसे मुश्किल काम है पत्रकारिता करना। बता दें कि छत्तीसगढ़ पुलिस ने 27 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश स्थित दिल्ली से सटे गाजियाबाद में उनके घर से तड़के वर्मा को 3.30 बजे गिरफ्तार किया था। इससे पहले 31 अक्टूबर के दिन वर्मा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। इससे पहले 6 नवंबर को वर्मा की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई थी। 31 अक्टूबर को सुनवाई के दौरन कोर्ट में वर्मा के वकील ने बताया था कि उनके मुवक्किल को सरकार के इशारे पर फंसाया गया है। बता दें कि पत्रकार विनोद वर्मा के खिलाफ छत्तीसगढ़ के पंडरी थाने में आईपीसी की धारा 384, 506 और आईटी ऐक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है, जिसके आधार पर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया।

बता दें कि पुलिस ने दावा किया है कि उन्होंने विनोद वर्मा के घर से 500 सीडी बरामद की हैं, जिनका इस्तेमाल वह रंगदारी और आपराधिक धमकी के लिए करने वाले थे। हालांकि, विनोद वर्मा ने इन आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा है कि उन्हें फंसाया जा रहा है।
विनोद वर्मा के अनुसार उनके पास क्लिप एक पेन ड्राइव में है, उनका किसी भी सीडी से कोई लेना-देना नहीं है। यह सीडी छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री राजेश मूणत की बताई जा रही है, जबकि उन्होंने इस सीडी को फर्जी बताया है। बीजेपी भी इस मामले में पार्टी के नेता का बचाव कर रही है पुलिस को विनोद वर्मा के घर से सीडी के अलावा 2 लाख रुपये कैश भी बरामद किए हैं। पुलिस ने एक लैपटॉप और डायरी भी अपने कब्जे में लिया था।












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