JNU Violence: दिल्ली पुलिस के वकील ने ट्वीट करके कही बड़ी बात
नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुई हिंसा के बाद इस घटना की हर कोई निंदा कर रहा है। जिस तरह से कैंपस के भीतर हिंसा हुई उसके बाद दिल्ली पुलिस भी निशाने पर है और तमाम छात्र दिल्ली पुलिस पर जमकर हमला बोल रहे हैं। यहां तक दिल्ली पुलिस के वकील ने भी कैंपस के भीतर हुई हिंसा की आलोचना की है। दिल्ली पुलिस के वकील राहुल मेहरा ने कहा कि मैं दिल्ली पुलिस का वकील हूं, लेकिन इस घटना के बाद मेरा सिर शर्म से झुक गया है। तमाम वीडियो में जिस तरह से देखा जा सकता है कि गुंडे कैंपस के भीतर घुस रहे हैं और यहां तोड़फोड़ कर रहे हैं, लोगों के साथ मारपीट कर रहे हैं और आराम से उत्पात मचाने के बाद यूनिवर्सिटी के बाहर निकल जाते हैं, आखिर में हमारी दिल्ली पुलिस कहां थी उस वक्त।

अगर संदेह है तो घायलों को देखिए
राहुल मेहरा ने कहा कि अगर अभी भी किसी को संदेह है और जानना चाहता है कि आखिर हमले के पीछे कौन है तो लोगों को उन लोगों को देखने की जरूरत है जिन्हें गंभीर चोटें आई हैं। जो छात्र एबीपीवी से जुड़े हैं या फिर लेफ्ट से जुड़े हैं, उन्हें देखिए। दूध का दूथ पानी का पानी हो जाएगा। बता दें कि जेएनयू में हुई हिंसा के बाद बॉलीवुड से लेकर हर क्षेत्र के लोगों ने आलोचना की है। कैंपस के भीतर हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने कैंपस में फ्लैग मार्च किया। कैंपस में भारी सुरक्षा बल को तैनात किया गया है।

छात्रों व शिक्षकों से पुलिस ने की मुलाकात
जिन छात्र व शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल से दिल्ली पुलिस के पीआरओ ने मुलाकात की है उसमे जेनयू व जामिया यूनिवर्सिटी के छात्र व शिक्षक भी मौजूद थे। दिल्ली पुलिस के पीआरओ से मुलाकात के बाद प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि तत्काल मेडिकल सुविधा घायल छात्रों को मुहैया कराई जाए साथ ही हिंसा में शामिल लोगों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। फेडरेशन ऑफ सेंट्रल यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन की अध्यक्ष राजीब राय ने कहा कि पुलिस ने हमे इस बात का भरोसा दिया है कि वह इस मामले को देखेंगे और हमारी मांग को स्वीकार करेंगे। वहीं छात्रों ने मांग की है कि पुलिस कैंपस के बाहर जाए।

शाह ने मांगी रिपोर्ट
बता दें कि जेएनयू कैंपस के भीतर हुई मारपीट के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक से बात की और हालात का जायजा लिया। साथ ही पुरी घटना की रिपोर्ट देने को कहा है। उन्होंने कहा कि इस हिंसा की वरिष्ठ अधिकारियों से जांच कराई जाए और जल्द रिपोर्ट पेश कि जाए। जो भी जरूरी कदम हो वो उठाए जाएं। मानव संसाधन मंत्रालय ने भी तत्काल जेएनयू प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है। कैंपस में हिंसा की जांच की जिम्मेदारी जॉइंट सीपी (वेस्टर्न रेंज) शालिनी सिंह को दी गई है। उधर कैंपस में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने मार्च की है। बताया जा रहा है फिलहाल कैंपस की स्थिति काबू में हैं।












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