जेएनयू हिंसा: ABVP ने वीडियो ट्वीट कर किया दावा, नकाबपोशों के साथ थीं आइशी घोष

नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुए बवाल पर देश में सियासत गरमाई हुई है। जेएनयू कैंपस में नकाबपोश हमलावरों ने छात्रों की पिटाई की थी जिसके खिलाफ देश के कई विश्वविद्यालयों में प्रदर्शन हो रहे हैं। इस हमले को लेकर लेफ्ट और एबीवीपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। लेफ्ट विंग का कहना है कि हमला एबीवीपी के लोगों ने किया था, जबकि एबीवीपी की तरफ से एक वीडियो ट्वीट कर दावा किया जा रहा है कि जेएनयूएसयू अध्यक्ष आइशी घोष नकाबपोश हमलावरों के साथ थीं।

एबीवीपी ने वीडियो किया ट्वीट

एबीवीपी ने वीडियो किया ट्वीट

एबीवीपी ने ट्वीट कर कहा है कि इस वीडियो में जेएनयूएसयू अध्यक्ष आइशी घोष लेफ्ट के नकाबपोश हमलावरों का नेतृत्व करती दिखाई दे रही हैं। क्या अभी भी कोई शक है कि जेएनयू में आतंक फैलाने वाले लोग कौन हैं?' एबीवीपी ने जेएनयू कैंपस में हिंसा के लिए लेफ्ट के संगठनों को जिम्मेदार ठहराया। ABVP के जेएनयू यूनिट के प्रेसिडेंट दुर्गेश कुमार ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रजिस्ट्रेशन का अंतिम दिन होने के कारण एबीवीपी के छात्र कार्यकर्ता सुबह रजिस्ट्रेशन कराने गए थे तो पता चला कि लेफ्ट विंग स्टूडेंट्स ने इंटरनेट कनेक्शन काट दिया था।

एबीवीपी का आरोप- लेफ्ट विंग ने इंटरनेट कनेक्शन काटा

दुर्गेश कुमार ने आरोप लगाया कि लेफ्ट विंग ने इंटरनेट कनेक्शन काटने की साजिश रची। उन्‍होंने कहा कि परेशान स्टूडेंट्स रजिस्ट्रेशन की मांग को लेकर स्वामी विवेकानंद की मूर्ति के पास एकत्र थे। तभी नकाबपोश लेफ्ट विंग के सैकड़ों कार्यकर्ता आए और हमला बोल दिया। एबीवीपी के वर्कर जान बचाने के लिए हॉस्टल्स में घुसे। अब भी एबीवीपी के 11 कार्यकर्ताओं का पता नहीं चल रहा है, वे गायब हैं। दूसरी तरफ, एबीवीपी के आरोपों पर आइशी घोष ने भी जवाब दिया है।

आइशी ने एबीवीपी के आरोपों पर क्या कहा?

आइशी ने एबीवीपी के आरोपों पर क्या कहा?

आइशी घोष ने अपने ऊपर लगे आरोपों पर कहा कि ये उनको बदनाम करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि वे उस वीडियो को लेकर कोई बचाव नहीं करेंगी, अगर उनको हिंसा करनी होती तो वे सीसीटीवी चेहरा दिखाते हुए नजर नहीं आती। आइशी ने हिंसा के लिए आरएसएस को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि कई दिनों से संघ से जुड़े प्रोफेसर्स उनके आंदोलन को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। बता दें कि इस हमले में आइशी सहित 34 लोगों को चोट आई थी, जिनका एम्स में प्राथमिक इलाज किया गया और इसके बाद सभी लोगों को छुट्टी दे दी गई।

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