JNU में फिर बवाल, मास्क पहनकर छात्रों ने इंफॉर्मेशन सेंटर में की तोड़फोड़
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) प्रशासन ने शुक्रवार को कहा कि, आज दोपहर लगभग 1 बजे, छात्रों के एक समूह ने अपने चेहरे पर मास्क लगाकर सेंटर फॉर इन्फर्मेशन में जबरन घुस गए, बिजली की सप्लाई बंद कर दी, सभी टेक्निकल स्टाफ को जबरन बाहर निकाल दिया और सर्वर को बेकार कर दिया। जिस समय ये घटना हुई उस समय विंटर सेशन के रजिस्ट्रेशन चल रहे थे। प्रशासन ने कहा कि वह घटना में शामिल सभी छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के सूचना प्रणाली केंद्र में छात्रों के एक समूह ने शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे हमला बोल दिया, जिसके कारण रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कहा कि हमले के वक्त छात्रों इस समूह ने अपना चेहरा ढक रखा था। वो सूचना प्रणाली के केंद्र में जबरन घुसे। वहां की बिजली सप्लाई को भी बंद कर दिए। सभी तकनीकी कर्मचारियों को जबरन बाहर निकाल दिए और सर्वर को बंद कर दिया।
प्रशासन के मुताबिक, ' छात्रों के इस कृत्य की वजह से पंजीकरण में बाधा उत्पन्न हो गई है और छात्रों के लिए अपनी पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करना असंभव हो गया। विश्वविद्यालय उन आंदोलनकारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा, जिन्होंने हजारों छात्रों को भारी नुकसान पहुंचाया है। जेएनयू के रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार ने शुक्रवार को जारी किए एक बयान में कहा, जेएनयू में छात्र आंदोलनकारियों ने शालीनता और अनुशासन की सभी हदें पार कर दी है और अपने साथी छात्रों के शैक्षणिक हितों को यथासंभव नुकसान पहुंचाने का निश्चय लिया है।
वहीं जेएनयू छात्र संघ (जेएनयूएसयू) की अध्यक्ष आइशी घोष ने कहा कि हमें ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। हमने सेंटर फॉर इन्फॉर्मेशन सिस्टम का घेराव नहीं बुलाया था। हमें प्रशासन द्वारा बताई गई घटना में किसी भी छात्र के शामिल होने की जानकारी नहीं है। बता दें कि, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रावास शुल्क बढ़ाने के विरोध में पिछले लगभग दो महीने से विरोध प्रदर्शन जारी हैं और छात्रों ने परीक्षाओं का बहिष्कार किया है।












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