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JNU फीस मामला: पैनल ने की बीपीएल धारक छात्रों को 75 फीसदी छूट देने की सिफारिश

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नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों ने फीस वृद्धि का जमकर विरोध किया था और सड़कों पर उतर आए थे। फीस वृद्धि के इस मामले में अब उच्चस्तरीय कमेटी ने सभी पक्षों से बात कर बड़ी राहत की पेशकश की है। तीन सदस्यीय कमेटी ने फीस बढ़ोत्तरी पर अपनी रिपोर्ट्स सौंप दी है जिसमें कहा गया है कि बीपीएल धारक छात्रों को 75 प्रतिशत तक छूट दी जाए।

नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों ने फीस वृद्धि का जमकर विरोध किया था और सड़कों पर उतर आए थे। फीस वृद्धि के इस मामले में अब उच्चस्तरीय कमेटी ने सभी पक्षों से बात कर बड़ी राहत की पेशकश की है। तीन सदस्यीय कमेटी ने फीस बढ़ोत्तरी पर अपनी रिपोर्ट्स सौंप दी है जिसमें कहा गया है कि बीपीएल से संबंधित छात्रों 75 प्रतिशत तक छूट दी जाए। फीस वृद्धि के मामले को लेकर हंगामे के बाद मंत्रालय द्वारा गठित कमेटी ने जेएनयू के अन्य सभी छात्रों को 50 फीसदी तक छूट देने की सिफारिश की है। छात्रों ने जेएनयू में फीस वृद्धि का जमकर विरोध किया था। इसको लेकर प्रदर्शन के दौरान उनकी दिल्ली पुलिस से झड़प भी हुई और बाद में पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया था। इस लाठीचार्ज में कई छात्र घायल हो गए थे। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट डीन ऑफ स्टूडेंट्स कार्यालय को भेज दिया है। कमेटी की इस सिफारिश से जेएनयू के स्टूडेंट्स को राहत मिल सकती है। इसके पहले, जेएनयू के छात्रों के आंदोलन को दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ का समर्थन मिला था। दोनों यूनिवर्सिटी के छात्रों ने एचआरडी मंत्रालय तक मार्च निकाला था। एबीवीपी दिल्ली ने ट्वीट करते हुए कहा था कि ये उच्च शिक्षा की जंग है। सस्ती शिक्षा अधिकार है कोई विशेषाधिकार नहीं। जेएनयू छात्र संघ के पदाधिकारियों और एचआरडी मंत्रालय के अधिकारियों के बीच बैठक के बारे में जानकारी देते हुए एक सूत्र ने कहा कि, छात्रों ने विश्वविद्यालय के कुलपति को उनकी आवश्यकताओं के लिए अनुपलब्ध और अनुत्तरदायी होने की शिकायत की है। छात्रों ने दिल्ली पुलिसकर्मियों द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज का ब्योरा भी दिया जब प्रदर्शनकारी जेएनयू के छात्र सोमवार को संसद की ओर मार्च कर रहे थे।

फीस वृद्धि के मामले को लेकर हंगामे के बाद मंत्रालय द्वारा गठित कमेटी ने जेएनयू के अन्य सभी छात्रों को 50 फीसदी तक छूट देने की सिफारिश की है। छात्रों ने जेएनयू में फीस वृद्धि का जमकर विरोध किया था। इसको लेकर प्रदर्शन के दौरान उनकी दिल्ली पुलिस से झड़प भी हुई और बाद में पुलिस ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया था। इस लाठीचार्ज में कई छात्र घायल हो गए थे। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट डीन ऑफ स्टूडेंट्स कार्यालय को भेज दिया है।

कमेटी की इस सिफारिश से जेएनयू के स्टूडेंट्स को राहत मिल सकती है। इसके पहले, जेएनयू के छात्रों के आंदोलन को दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ का समर्थन मिला था। दोनों यूनिवर्सिटी के छात्रों ने एचआरडी मंत्रालय तक मार्च निकाला था। एबीवीपी दिल्ली ने ट्वीट करते हुए कहा था कि ये उच्च शिक्षा की जंग है। सस्ती शिक्षा अधिकार है कोई विशेषाधिकार नहीं।

JNU के साथ आया DUSU, दोनों यूनिवर्सिटी के छात्र निकालेंगे आज HRD मंत्रालय तक मार्च

जेएनयू छात्र संघ के पदाधिकारियों और एचआरडी मंत्रालय के अधिकारियों के बीच बैठक के बारे में जानकारी देते हुए एक सूत्र ने कहा कि, छात्रों ने विश्वविद्यालय के कुलपति को उनकी आवश्यकताओं के लिए अनुपलब्ध और अनुत्तरदायी होने की शिकायत की है। छात्रों ने दिल्ली पुलिसकर्मियों द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज का ब्योरा भी दिया जब प्रदर्शनकारी जेएनयू के छात्र सोमवार को संसद की ओर मार्च कर रहे थे।

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English summary
JNU Fees hike row: high level panel recommends 50 rollback and huge fee waiver
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