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PM PVTG Mission: मिशन आदिवासी कल्याण पर पीएम मोदी, 24,000 करोड़ का पैकेज, कितनी सीटों पर असर?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के आदिवासियों में भी सबसे कमजोर तबकों के कल्याण के लिए 24,000 करोड़ रुपए के पैकेज की योजना की शुरुआत करने जा रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव और पांच में से चार राज्यों में विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह केंद्र सरकार की बहुत बड़ी पहल मानी जा रही है। मिजोरम में पूरा और छत्तीसगढ़ में पहले चरण का मतदान 7 नवंबर को हो चुका है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को झारखंड में 'विशेष तौर पर कमजोर आदिवासी समूहों' (PVTG)के समग्र विकास के लक्ष्य के साथ 24,000 करोड़ रुपए की योजना लॉन्च कर रहे हैं। इस दौरान पीएम मोदी आदिवासियों के मसीहा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर उनके जन्म स्थान उलिहातु जाकर उन्हें श्रद्धांजलि देंगे।

pm modi in jharkhand for tribes

'जनजातीय गौरव दिवस' पर भगवान बिरसा मुंडा को देंगे श्रद्धांजलि
भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली जाने वाले पीएम मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं। गौरतलब है कि 2021 से बिरसा जयंती को 'जनजातीय गौरव दिवस' के रूप में मनाया जाता है। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री झारखंड के खूंटी में 'पीएम पीवीटीजी मिशन' और 'विकसित भारत संकल्प यात्रा' लॉन्च करेंगे।

'पीएम पीवीटीजी मिशन' क्या है?
'पीएम पीवीटीजी मिशन' की घोषणा आदिवासियों के कमजोर तबकों को सशक्त और सक्षम बनाने के लिए इसी साल के बजट (2023-24) में की गई थी। सरकारी आंकड़ों के हिसाब से देश के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 75 'विशेष तौर पर कमजोर आदिवासी समूह' (PVTG) हैं। ये देश भर के 220 जिलों के 22,544 गांवों में रहते है और इनकी जनसंख्या करीब 28 लाख है।

'विकसित भारत संकल्प यात्रा' क्या है?
पीएमओ के बयान के मुताबिक ये जनजातियां बिखरी हुई हैं, जो सुदूर और दुर्गम बस्तियों या अक्सर जंगली क्षेत्रों में रहती हैं। इस मिशन का मकसद ही ऐसे कमजोर तबकों के आदिवासी समुदाय का समग्र कल्याण करना है। 'विकसित भारत संकल्प यात्रा' का लक्ष्य समाज के इन समुदायों को जागरूक बनाना और कल्याणकारी योजनाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करना है। अगले साल 25 जनवरी तक यह यात्रा सभी आदिवासी जिलों को कवर कर लेगी।

गुजरात विधानसभा चुनावों में मिल चुका है लाभ
पिछले साल पहली बार बीजेपी ने आदिवासी महिला द्रौपदी मुर्मू को देश का राष्ट्रपति बनाया था। इसके कुछ ही महीने बाद गुजरात में विधानसभा चुनाव हुए तो पार्टी अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित राज्य की 27 में से 24 सीटें जीत गई थी। भाजपा ने इन सीटों पर इससे पहले इतना शानदार प्रदर्शन कभी नहीं किया था।

सेंट्रल ट्राइबल यूनिवर्सिटी को मिल चुकी है मंजूरी
पांच राज्यों में चल रहे मौजूदा विधानसभा चुनावों की घोषणा से पहले ही केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तेलंगाना में सेंट्रल ट्राइबल यूनिवर्सिटी स्थापित करने की भी मंजूरी दी है, जो कि मुलुगु जनपद में बनेगा। पीएम मोदी ने 1 अक्टूबर को तेलंगाना में ही इसकी घोषणा की थी, जिसका नाम आदिवासी देवी सम्मक्का और सारक्का के नाम पर रखा जाएगा।

2019 में बीजेपी को आदिवासी सीटों पर मिली थी बड़ी सफलता
दरअसल, 2019 के लोकसभा चुनावों में भी भारतीय जनता पार्टी ने देश में अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित सीटों पर बहुत ही बढ़िया प्रदर्शन किया था। पार्टी इनके लिए आरक्षित 47 में से 31 सीटें जीत गई थी।

विधानसभा चुनावों के लिए भी महत्वपूर्ण
अभी जिन राज्यों में चुनाव चल रहे हैं, वहां भी अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटें बड़ी संख्या में हैं। मसलन, मध्य प्रदेश (230) में 47, राजस्थान (200) में 25, छत्तीसगढ़ (90) में 29 और तेलंगाना (119) में 12 सीटें आदिवासियों के लिए आरक्षित हैं। छत्तीसगढ़ में तो एक चरण का चुनाव हो गया है। लेकिन, वहां के दूसरे चरण और मध्य प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना में वोटिंग बाकी है।

अगले साल लोकसभा चुनावों के बाद झारखंड विधानसभा का भी चुनाव होना है, जो कि एक जनजातीय बहुल राज्य है। ऐसे में पीएम मोदी के इस कार्यक्रम की अहमियत बढ़ गई है।

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