झारखंड: मां का शव गोद में लिए अस्पताल में भटकता रहा बेबस बेटा, ना स्ट्रेचर मिला ना एंबुलेंस

रांची। जमशेदपुर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में बुधवार को एक युवक मां की लाश गोद में उठाए करीब दो घंटे भटकता रहा। मां की लाश रखने के लिए ना तो उसे अस्पताल के भीतर स्ट्रेचर मिला और ना घर ले जाने के लिए एंबुलेंस मिली। बेबस युवक की अस्पताल के किसी डॉक्टर या स्टाफ ने भी कोई मदद नहीं की। आखिर वो गोद में मां की लाश लेकर चला गया।

बीमार मां की बुधवार को हो गई थी मौत

बीमार मां की बुधवार को हो गई थी मौत

राहरगोड़ा की रहने वाली 70 साल की रामप्यारी देवी की तबीयत बिगड़ने पर उनकी बेटा रमेश उनको अस्पताल लाया था। बुजुर्ग महिला की तबीयत में सुधार नहीं हुआ और बुधवार को उनकी मौत हो गई। स्टाफ ने रमेश को मां की मौत की जानकारी देते हुए उनको शव ले जाने को कह दिया।

 ना वार्ड ब्वॉय, ना स्ट्रेचर, ना एंबुलेंस

ना वार्ड ब्वॉय, ना स्ट्रेचर, ना एंबुलेंस

रमेश ने बताया कि मां के शव को ले जाने के लिए उसने वार्ड ब्वाय खोजा लेकिन पर पूरे अस्पताल में उसे किसी ने कोई मदद नहीं की। उसने स्ट्रेचर की मांग की तो कोई स्ट्रेचर खाली ना होने की बात उससे कह दी गई। वह मां के शव को गोद में लेकर एंबुलेंस कक्ष तक आया। उसने बताया कि मां के शव को गांव ले जाना है तो उससे कहा गया कि सरकारी एंबुलेंस शव नहीं ले जाते। रमेश फिर मां के शव को लेकर अस्पताल आया। करीब दो घंटे वो मां का शव उठाए परेशान घूमता रहा।

प्राइवेट एंबुलेंस को देने के लिए नहीं थे पैसे

प्राइवेट एंबुलेंस को देने के लिए नहीं थे पैसे

रमेश के मुताबिक, सरकारी एंबुलेंस ना मिलने पर जब उसने प्राइवेट एंबुलेंस से मदद मांगी तो उसने बहुत ज्यादा किराया मांगा। जो वो नहीं दे सकता था। कई ऑटो वाले भी शव ले जाने को तैयार नहीं हुए। जब रमेश गोद में ही शव ले जाने लगा तो एक ऑटो वाला शव को ले जाने के लिए तैयार हुआ। जिसके बाद वो मां के शव को लेकर घर गया।

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