झारखंड सरकार एक महीने के लिए किराए पर लेगी चार्टर्ड विमान, जानिए क्यों लिया गया ये फैसला
झारखंड सरकार एक महीने के लिए किराए पर लेगी चार्टर्ड विमान, जानिए क्यों लिया गया ये फैसला
रांची, 02 सितंबर: झारखंड में राजनीतिक संकट के बीच हेमंत सोरेन की सरकार ने फैसला किया है कि वह एक महीने के लिए चार्टर्ड विमान किराए पर लेगी। चार्टर्ड विमान सेवाओं के लिए लगभग 2 करोड़ रुपये हेमंत सरकार भुगतान करेगी। झारखंड कैबिनेट ने गुरुवार को वीवीआईपी और "सरकार से संबंधित" लोगों की यात्रा के लिए 31 अगस्त से एक महीने के लिए एक चार्टर्ड विमान किराए पर लेने को मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विधायक बने रहने की अनिश्चितता के बीच सत्तारूढ़ गठबंधन के 32 विधायकों को छत्तीसगढ़ ले जाने के कुछ दिनों बाद यह कदम उठाया है।

कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने कहा, '' मंत्रिमंडल ने 'राज्य के बाहर वीआईपी और वीवीआईपी की आधिकारिक आवाजाही' के लिए एक महीने के लिए चार्टर्ड विमान सेवा लेने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। ये सेवा अवधि 31 अगस्त से लागू मानी जाएगी।''
बता दें कि सत्तारूढ़ संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) के विधायक और मंत्री ने झारखंड में जारी राजनीतिक संकट के दौरान विधायकों को खरीद-फरोख्त की आशंका जताई है। इसी बीच मंगलवार को 32 विधायकों को छत्तीसगढ़ ले जाया गया। मंत्रियों समेत 32 विधायकों को एक विशेष विमान के जरिए छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर ले जाया गया था।
गुरुवार की सुबह हेमंत सोरेन रायपुर के लिए रवाना हुए और कांग्रेस के चार कैबिनेट मंत्रियों के साथ वापस लौटे ताकि वे बैठक में शामिल हो सकें। इन चार मंत्रियों में आलमगीर आलम, बादल पत्रलेख, बन्ना गुप्ता और रामेश्वर उरांव शामिल थे। मंत्रियों के एक या दो दिन में छत्तीसगढ़ वापस जाने की संभावना है।
सरकार के शीर्ष सूत्रों ने कहा कि राजनीतिक संकट को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। एक सूत्र ने कहा, "यह नामांकन के आधार पर किया गया है क्योंकि कोई निविदा प्रक्रिया नहीं होगी। साथ ही, अब तक हेलिकॉप्टरों के लिए भी यही किया जाता था। यह पहली बार है कि आठ सीटों वाले चार्टर विमान की सेवाएं न्यूनतम 2 करोड़ रुपये की उड़ान गारंटी के साथ उपलब्ध होंगी। इसका मतलब है कि अगर सरकार उड़ान नहीं भरना चाहती है तो भी उसे राशि का भुगतान करना होगा।''












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