झारखंड: बच्चा बेचने के मामले पर मदर टेरेसा चैरिटी ने तोड़ी चुप्पी, कहा- गलत खबर है
रांची: झारखंड में बच्चा बेचने के मामले में संस्था मिशनरीज ऑफ चैरिटी की एक नन को गिरफ्तार किया था जिसने 50 हजार से लेकर 1.20 लाख में नवजात शिशुओं को बेचा था। झारखंड पुलिस के एसएसपी आशीष गुप्ता ने बताया था कि नन और सिस्टर कोनसिलिया को हिरासत में ले लिया था। वहीं, रांची पुलिस के सामने कबूल करते हुए सिस्टर कोनसिलिया ने कहा था कि उसने 50-50 हजार रुपयों में दो बच्चों को बेचा और एक बच्चे को 1 लाख 20 हजार में बेचा था। जबकि पहली बार पूरे मामले पर मदर टेरेसा चैरिटी ने बयान दिया है।

मदर टेरेसा चैरिटी की सफाई
मदर टेरेसा चैरिटी की हेड सिस्टर प्रेमा ने पूरे मामले को गलत बताया है और कहा है कि वो इसकी निंदा करती हैं। तीन पन्नों के जवाब में उनकी तरफ से कहा गया है, 'मिशनरी ऑफ चैरिटी होम निर्मल हृदय से जुड़ी हाल की घटनाओं से हम बहुत दुखी हैं , जो हुआ हमें उसके लिए खेद और यह कहना चाहते हैं, जो कुछ हुआ वो निजी मामला था, इसका मिशनरी ऑफ चैरिटी से कोई लेना-देना नहीं है।' संस्था द्वारा आगे कहा गया, 'पूरे मामले पर गलत खबर प्रचारित की गई, और संस्था की सिस्टर्स के बारे में भ्रामक बातें फैलाई गई, जिनका कोई आधार नहीं है।'

कहा- घटना से दुखी लेकिन गलत खबरें फैलाई गईं
संस्था की तरफ से अनिमा इंदवार के बारे में बताया कि उसने साल 2012 में संस्था के लिए काम करना शुरू किया। पहले वो वार्ड सहायक का काम करती थी और बाद में वो स्टाफ मेंबर के रूप में काम करने लगी थी। उसने अपना काम अच्छे से किया और जल्दी ही सबकुछ सीख लिया था। हालांकि संस्था ने कोनसिलिया के बच्चों को बेचने की बात स्वीकारने के मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की।

सरकार ने जांच के दिए थे आदेश
बता दें कि बच्चा बेचने की खबरों के बाद केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने राज्य सरकारों से कहा कि सभी चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशन का पंजीकरण सुनिश्चित करें और एक माह में केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) से जोड़े। इसके अलावा देशभर में 'मिशनरीज ऑफ चैरिटी' द्वारा चलाए जा रहे चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशन के जांच के आदेश भी जारी कर दिए थे।












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