जावेद अख्तर बोले, जहां सवाल करने की इजाजत नहीं, वो जगह खतरनाक है
पुणे। 'जिस जगह सवाल करने की इजाजत नहीं हो, वो खतरनाक जगह हैं। वो सरकार,समाज,गांव, अाबादी ही ठीक नहीं होगी।' यह बात शायर जावेद अख्तर ने 'जवाब दो' नाम के एक कार्यक्रम में महाराष्ट्र स्थित पुणे में कहीं। जावेद ने महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति की ओर से नरेंद्र दाभोलकर की पुण्यतिथि पर आयोजित एक कार्यक्र के दौरान जावेद ने कहा कि मैं हैरान नहीं हूं कि कोपर्निकस और गैलीलियो को सताया गया था क्योंकि वे सच की जांच करते थे, जो सैकड़ों साल पहले विज्ञान के अभ्यास से सीखते थे।

जावेद ने कहा कि यह समझा जा सकता है क्योंकि उस समय लोग अज्ञानी होते थे और बेहतर तरीके से जानने का कोई तरीका नहीं था। हालांकि, आज लोगों को पता है और जो कुछ भी विज्ञान ने लाया है ,उन्हें देखते हैं। वे उपग्रह लॉन्च करते हैं और इसे अपने प्रोग्रामिंग के आधार पर एक सटीक स्थान पर भेजते हैं। हालांकि, वे अब भी संगठित धर्म के नेताओं की ओर से अंधाधुंध फैलाए जा रहे अंधविश्वासों का पालन करते हैं। अगर यह सिजोफ्रेनिया नहीं हैं तो क्या है?
अख्तर ने की प्रसंशा
अख्तर ने डॉ. दाभोलकर की प्रशंसा की और कहा किट वे महाराष्ट्र के लोगों को अंधविश्वासों के जाल से दूर कर, बुद्धिवाद के एक प्रगतिशील विचार को पेश करने की कोशिश कर रहे थे। दुर्भाग्य से, हमारा समाज, जो रूढ़िवादी होने में प्रसन्न है, जो इसे अपनी समस्याओं से मुक्त करने के लिए ईश्वर पर निर्भर करता है, उसने कभी ये समझने की नहीं कोशिश की कि वो क्या कह रहे थे'।












Click it and Unblock the Notifications