तथ्यों से खिलवाड़ को लेकर फिल्म 'पानीपत' पर राजस्थान में विवाद, जलाए डायरेक्टर आशुुुुुुुतोष गोवारिकर के पुतले
नई दिल्ली। इस शुक्रवार रिलीज हुई आशुतोष गोवारिकर की फिल्म 'पानीपत' को लेकर नया विवाद सामने आया है। फिल्म राजस्थान के भरतपुर के जाटों को फिल्म की स्क्रिप्ट पर आपत्ति है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भरतपुर के जाटों को आपत्ति है। स्थानीय लोग आशुतोष के पुतले जला रहे हैं। उन्हें लगता है कि फिल्म में महाराजा सूरजमल को गलत तरीके से पेश किया गया है। फिल्म में महान मराठा योद्धा सदाशिव राव भाऊ (रोल जिसे अर्जुन कपूर ने निभाया है) महाराजा सूरजमल से अफगानों के खिलाफ मदद करने के लिए कहते हैं लेकिन सूरजमल बदले में कुछ चीज चाहते हैं।

जब उनकी मांग पूरी नहीं होती है तो वह सदाशिव को युद्ध में साथ देने से इनकार कर देते हैं। इसके अलावा फिल्म में महाराजा सूरजमल को मराठा पेशवा सदाशिव राव भाऊ से हरियाणवी और राजस्थानी में संवाद करते दिखाया गया है जबकि लोगों का मानना है कि महाराजा सूरजमल शुद्ध रूप से ब्रज भाषा बोलते थे।
इससे पहले फिल्म में कृति सेनन के डायलॉग पर पेशवा बाजीराव के वंशज ने आपत्ति जताई थी। उनका कहना था कि कृति सेनन का डायलॉग मस्तानी और पेशवा को बदनाम करता हैं। ट्रेलर में कृति अर्जुन कपूर से कहती है, 'मैने सुना है जब पेशवा अकेले मुहिम पर जाते है तो एक मस्तानी के साथ लौटते हैं।' विवाद इसी डायलॉग को लेकर था।
इतिहासकारों के अनुसार तथ्यों के विपरीत
भरतपुर का इतिहास सहित 13 पुस्तकें लिख चुके इतिहासकार रामवीर वर्मा का कहना है कि फिल्म में महाराजा सूरजमल का चरित्र तथ्यों से परे फिल्माया है। फिल्म में बताया गया है कि उन्होंने आगरा के किले की मांग की, जबकि सत्य तो यह है कि आगरा का किला तो पहले ही जाट रियासत के अधीन था, बल्कि भरतपुर रियासत का शासन अलीगढ़ तक था।












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