जाट नेताओं की चेतावनी- आरक्षण नहीं मिला तो करेंगे मायावती का समर्थन, बीजेपी को हराएंगे
Recommended Video

नई दिल्ली। लोकसभा चुनावों से पहले जाटों के आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर गरमाता दिखाई दे रहा है। ऑल इंडिया जाट आरक्षण बचाओ महा आंदोलन (AIJABM) के बैनर तले उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश से आए जाट नेताओं ने कहा कि सरकार ने आरक्षण की उनकी मांग ना मानकर और आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों को 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला कर धोखा देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि अगर आरक्षण नहीं मिला तो वे मिलकर भारतीय जनता पार्टी को आगामी लोकसभा चुनाव में हराएंगे।

जाट आरक्षण की मांग को लेकर बीजेपी को चेतावनी
यूपी के जाट नेताओं ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों को नजरअंदाज किया तो वे बीजेपी की खिलाफत करेंगे और मायावती का समर्थन करेंगे, जिन्होंने जाट आरक्षण का समर्थन किया था और हरियाणा सरकार की कार्रवाई का विरोध किया था। बता दें कि तीन साल पहले आरक्षण की मांग को लेकर शुरू हुआ जाट आंदोलन हिंसक हो गया था जिसमें 30 लोगों की जान चली गई थी।

मायावती को समर्थन देंगे, बीजेपी को हराएंगे- यूपी के जाट नेता
AIJABM के मुख्य समन्वयक धर्मवीर चौधरी ने कहा कि यूपीए ने हमें सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिया था लेकिन जब सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी गई, एनडीए सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसी कारण सुप्रीम कोर्ट ने इस फैसले को रद्द कर दिया। उन्होंने कहा कि अब वे बीजेपी सरकार की बातों में नहीं आएंगे। उन्होंने कहा कि जाट आरक्षण पर सरकार फैसला नहीं करती है तो वे 131 निर्वाचन क्षेत्रों में प्रचार करेंगे, जहां-जहां जाटों की संख्या अधिक है।

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण दिए जाने पर जताई नाराजगी
धर्मवीर चौधरी ने कहा कि इस मामले पर पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के साथ कई बार मीटिंग हो चुकी है। उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी ने हमें आरक्षण देने का आश्वासन दिया था, यूपी चुनाव से पहले अमित शाह ने हम लोगों से बात की थी और आरक्षण देने का वादा किया था। हम लोगों ने बीजेपी को वोट दिया लेकिन सरकार बनने के बाद बीजेपी ने आरक्षण नहीं दिया।'

कुछ नेताओं ने जाटों की अलग पार्टी बनाने की मांग भी की
एक अन्य जाट नेता ने कहा कि आरक्षण की मांग करने वाले कई युवक जेल में हैं। जब सामान्य वर्ग को आरक्षण देने की बात हुई, सरकार ने सात दिनों में सबकुछ फाइनल कर दिया, लेकिन हम लोग सालों से इसकी मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में जाट आरक्षण का मुद्दा ही बड़ा होगा। जबकि कुछ नेताओं ने कहा कि सारे दल एक जैसे ही हैं, अब जाटों को अपनी नई पार्टी बनानी चाहिए।












Click it and Unblock the Notifications