कठुआ में मारा गया जैश कमांडर, इस्तेमाल करता था पाकिस्तानी सेना का सैटेलाइट डिवाइस! खुलासे से हड़कंप
jammu kashmir News: जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) के पास एक गांव में इस हफ्ते ठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए दो आतंकवादियों में जैश-ए-मोहम्मद का एक टॉर कमांडर भी शामिल था, अब उसको लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक, शक है कि मारे गए दोनों आतंकवादियों के पीछे पाकिस्तानी सेना का हाथ था। जिनकी पहचान जैश कमांडर रिहान और उसके निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) के तौर पर हुई है।

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पाकिस्तानी सेना द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला डिवाइस था जैश कमांडर के पास!
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, "जैश कमांडर के पास नाइट स्कोप और फ्रीक्वेंसी सैटेलाइट कम्युनिकेशन डिवाइस वाली एम4 राइफल थी।'' इतना ही नहीं मारा गया जैश कमांडर पाकिस्तानी सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए खरीदे गए माइक्रो सैटेलाइट कम्युनिकेशन डिवाइस का इस्तेमाल कर रहा था।
बता दें कि इस हफ्ते जम्मू-कश्मीर के रियासी, कठुआ और डोडा जिलों में चार आतंकवादी हमले हुए, जिनमें एक सीआरपीएफ जवान और दो आतंकवादियों सहित 11 लोग मारे गए हैं।
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आतंकी हमले के बाद जैश-हिजबुल ने बैठक भी की: सूत्र
सूत्रों के मुताबिक 9 जून को रियासी में हुए आतंकी हमले के बाद आतंकी समूहों जैश-ए-मोहम्मद और हिज्ब-उल-मुजाहिदीन के शीर्ष नेतृत्व ने पाकिस्तान के रावलकोट में बैठक की थाी।
उन्होंने कहा, "जैश कमांडर रजाक और हिजबुल के डिप्टी कमांडर खालिद की 10 जून को मुलाकात हुई। रावलकोट में दिए गए भाषणों के दौरान उन्होंने, "भारत को कल की तरह और अधिक नुकसान पहुंचाने" का आह्वान किया है।
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राजौरी जिले में भी हमले की आशंका
इस बीच राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर के कलाल इलाके में दो व्यक्तियों की संदिग्ध गतिविधि के बाद तलाशी और घेराबंदी अभियान शुरू किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि आतंकवादियों द्वारा हमले की संभावित कोशिशों के बारे में खुफिया रिपोर्ट मिलने के बाद सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
खुफिया रिपोर्ट में पुंछ और राजौरी जिले में हमले की आशंका जताई गई है। इन दोनों जिलों में दो सालों में आतंकवादी गतिविधियों में तेजी देखी गई है।












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