लश्कर के टॉप कमांडर बांगरू को गीदड़ की मौत मारकर सेना ने SHO फिरोज की मौत का लिया बदला
श्रीनगर। जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर के फतेह कदाल में बुधवार सुबह हुई सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर मारा गया है। सुरक्षाबलों ने लश्कर का मुख्य आतंकी मेहराज बांगरू और उसके दो साथियों को मार गिराया है, जो पूरे घाटी में आतंकवाद फैलाने पर काम कर रहे थे। सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर जनरल ने कहा कि उन्होंने तीन आतंकी को मार गिराया है, लेकिन एक जवान भी शहीद हुआ है। बांगरू के साथ उसके दो साथी आतंकियों में से एक का नाम फैद वाजा बताया जा रहा है, जिसने कुछ ही महीनों पहले लश्कर ज्वॉइन किया था।

लश्कर का सबसे सीनियर कमांडर बांगरू
श्रीनगर में अपने घर से दूर बैठकर बांगरू पूरे घाटी में आतंकवाद को ऑपरेट करता था। लश्कर का सबसे सीनियर कमांडर माने जाने वाला आतंकी बांगरू को मारकर सेना ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बांगरू की मौत लश्कर और कश्मीर में आतंकवादियों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। बांगरू विदेशी आतंकवादियों के संपर्क में था, जिसे एलओसी के उस पार से मदद मिल रही थी।

युवाओं को लश्कर में कर रहा था शामिल
कश्मीर घाटी में लश्कर के लिए काम कर रहा बांगरू को पाकिस्तान से फंडिंग मिलती रही थी, जिसका इस्तेमाल वह घाटी के युवाओं को अपने गुट में शामिल करने में करता था। बांगरू कई पढ़े लिखे नौजवानों को अपने आतंकी ग्रुप में शामिल करने में कामयाब रहा था। बताया जाता है कि दो साल पहले हिजबुल कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद से बांगरू घाटी में आतंकवाद को तेजी से फैलाने के लिए सक्रिय हो गया था।

SHO फिरोज की मौत का लिया बदला
पिछले साल जून में एसएचओ फिरोज अहमद दार समेत उसके पांच साथियों को लश्कर आतंकियों ने मार दिया था। उसके बाद स्पेशल इन्विस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी, जिसमें खुर्शीद अहमद गनी, मेहराजुद्दीन बांगरू उर्फ आसिफ, साहिद अहमद मकरू और जीनत-उल-इस्लाम उर्फ जीनशाह का नाम शामिल था। एसएचओ दार की मौत का बदला लेने के साथ-साथ बांगरू सुरक्षा बलों के मुख्य निशाने पर था, जिसे आज सुबह 7.30 बजे फतेह कदाल में एक घर पर अटैक कर उसे उसके ठिकाने पहुंचा दिया गया।
ये भी पढ़ें: AMU विवाद: 1200 कश्मीरी छात्रों ने यूनिवर्सिटी छोड़ने की दी धमकी












Click it and Unblock the Notifications