बेटे की शादी छोड़ दिनभर जम्मू-कश्मीर की बैठक में मौजूद रहे उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, लोग बोले- इसे कहते हैं काम
बेटे की शादी बीच में छोड़ दिनभर जम्मू-कश्मीर सर्वदलीय बैठक में मौजूद रहे मनोज सिन्हा, लोग बोले- इसे कहते हैं काम
नई दिल्ली, 26 जून: सोशल मीडिया पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा की लोग जमकर तारीफ कर रहे हैं। ट्विटर यूजर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को सार्वजनिक सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और काम के प्रति लगन के लिए बधाई दे रहे हैं। असल में सोशल मीडिया पर जब से ये बात फैली है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जम्मू-कश्मीर सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेने के लिए मनोज सिन्हा ने अपने बेटे की शादी को बीच में छोड़ दिया था, तभी से सोशल मीडिया पर उनकी तारीफ की जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी के साथ जम्मू-कश्मीर के भविष्य पर चर्चा करने के लिए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बेटे की शादी में शामिल होने के बजाए गुरुवार (24 जून) को नई दिल्ली में 7 लोक कल्याण मार्ग पर पीएम की सर्वदलीय बैठक में मौजूद थे।

बैठक में शामिल होने के लिए मनोज सिन्हा ने छोड़ी बेटे की शादी
मनोज सिन्हा के बेटे अभिनव सिन्हा की शादी गुरुवार ( 24 जून) को थी। इसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर पर चर्चा के लिए पीएम आवास पर सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। जब बैठक में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा जम्मू-कश्मीर के नेताओं ने पीएम नरेंद्र मोदी को मिलवा रहे थे, तो उस दौरान किसी को ये आभास भी नहीं हुआ कि वह अपने बेटे की शादी को बीच में छोड़कर बैठक में हिस्सा लेने आए हैं। मनोज सिन्हा ने बेटे की शादी से ज्यादा प्राथमिकता उस बैठक को दिया।

3 घंटे चली बैठक लेकिन शादी में जाने की हड़बड़ाहट में नहीं दिखें मनोज सिन्हा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर में शुरू की जाने वाली भविष्य की विकास प्रक्रिया पर चर्चा करने के लिए जम्मू और कश्मीर के 14 नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक 24 जून को शाम 3 बजे शुरू हुई थी और शाम 6.30 बजे यानी लगभग 3 घंटे से ज्यादा चली थी। लेकिन इस 3 घंटे चली बैठक में मनोज सिन्हा को हड़बड़ाहट में नहीं दखेगा। मनोज सिन्हा बेटे की शादी में शिरकत करने की जल्दबादी में बिल्कुल भी नहीं दिखें। बल्कि वह सक्रिय रूप से बैठक में शामिल थे और अपना पक्ष रखा।

बैठक के बाद मनोज सिन्हा बेटे-बहू को आशिर्वाद देने पहुंचे
बैठक में मौजूद बीजेपी के कुछ नेताओं को इस बात की जानकारी थी कि इस बैठक के लिए मनोज सिन्हा विवाह स्थल से सीधे प्रधानमंत्री आवास आए हैं। बैठक के खत्म होने के बाद मनोज सिन्हा बेटे और बहू को आशिर्वाद देने पहुंचे थे।
मनोज सिन्हा के बेटे की शादी में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह भी पहुंचे थे। उन्होंने शादी की तस्वीर शेयर कर ट्विटर पर लिखा, ''माननीय मनोज सिन्हा के पुत्र अभिनव और पुत्रवधू दीपाली के विवाह समारोह में शामिल हुआ, नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएं।''

सोशल मीडिया पर लोग बोले- ऐसे नही बन जाता कोई मनोज सिन्हा
ट्विटर पर मनोज सिन्हा की जमकर तारीफ हो रही है। रजत सिंह नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा, ''ऐसे नही बन जाता कोई मनोज सिन्हा। पूरे दिन से शाम तक मीटिंग में रहे और रात को अपने बेटे अभिनव की शादी में पहुंचे। कपड़े भी नही बदले असल मायने में यही होता है समर्पण।''
एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा, ''बैठक वाले दिन मनोज सिन्हा जी के बेटे की शादी थी। लेकिन वह दिन के अधिकांश समय जम्मू-कश्मीर पर पीएम की बैठक में थे। ये हमेशा ही काम और देश के लिए अपनी प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते हैं।''

'सौभाग्यशाली हैं कश्मीर वासी, कि वहां के एलजी मनोज सिन्हा हैं''
एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा, ''जम्मू-कश्मीर के लोग सौभाग्यशाली है कि मनोज सिन्हा जी, वहां के एलजी हैं, खासकर इन कठिन महामारी के समय में। शादी के लिए उन्हें और उनके परिवार को बहुत-बहुत बधाई।''
एक अन्य यूजर ने लिखा, ''तो यह जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा जी के बेटे की शादी का दिन था और वह पूरे दिन जम्मू-कश्मीर प्रतिनिधिमंडल के साथ पीएम मोदी की बैठकों में बिजी थी। जरा सोचिए कि कोई ऐसे खास दिन पर परिवार और घर से दूर रहना कैसा होता है। उनके काम और उनकी मेहनत के लिए पूरा सम्मान।''

पहले भी अपने काम से सुर्खियां बटोर चुके हैं मनोज सिन्हा
ऐसा पहली बार नहीं है, जब मनोज सिन्हा अपने काम की वजह से सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। वह अपने डाउन टू अर्थ नेचर की वजह से पहले भी कई बार सुर्खियां बटोर चुके हैं। साल 2020 में जब उन्हें जम्मू-कश्मीर का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया था तो वह श्रीनगर एयरपोर्ट पर उतरने के बाद सरकारी हेलिकॉप्टर से राजभवन में जाने के बजाए, कार में बैठकर चश्मा शाही के पास बने एक गेस्ट हाउस में जाकर ठहरे थे। मनोज सिन्हा गेस्ट हाउस में इसलिए ठहरे थे क्योंकि तत्कालीन उपराज्यपाल जीसी मुर्मू ने सरकारी बंगला खाली नहीं किया था। कहा जाता है कि मनोज सिन्हा जब केंद्रीय मंत्री थे, तब भी उन्होंने सरकारी आवास नहीं लिया था और साउथ दिल्ली के हौज खास इलाके में एक फ्लैट में रहते थे।












Click it and Unblock the Notifications