J&K: आतंकियों के खिलाफ अभियान के लिए बदली गई रणनीति? अब दुश्मन को देखते ही ठोक सकेंगे VDG!
जम्मू रीजन में पिछले कुछ समय में बढ़ी आतंकवादी वारदातों के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। गृह मंत्रालय ने तय किया है कि अब विलेज डिफेंस गार्ड्स (VDG) को एसएलआर (SLR-Self Loading Rifles) जैसे ऑटोमेटिक हथियार सौंपे जाएंगे।
न्यू इंडियन एक्सप्रेस डॉट कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू में हाल के दिनों में बढ़ी आतंकी घटनाओं को देखते हुए अब सरकार ने विलेज डिफेंस गार्ड्स को पुराने .303 हथियारों की जगह एसएलआर देने का फैसला किया है।

अब एसएलआर से दुश्मनों को ठोकेंगे विलेज डिफेंस गार्ड्स-रिपोर्ट
सूत्रों के आधार पर दी गई इस रिपोर्ट के मुताबिक यह कदम आतंकियों से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए स्थानीय लोगों को हर तरह से तैयार रखने की नीति के तहत उठाया गया है। खासकर जिस तरह से हाल के दिनों में जम्मू डिविजन में आतंकियों ने एक के बाद एक घटनाओं को अंजाम दिया है।
जम्मू क्षेत्र में बढ़ती आतंकी वारदातों के बीच बढ़ रही है वीडीजी की संख्या
जम्मू कश्मीर के लिए सुरक्षा से जुड़े व्यय (SRE) के तहत वीडीजी को गृह मंत्रालय की ओर से मासिक भत्ता दिया जाता है। सूत्रों ने बताया है कि पहले 4,985 वीडीजी की मंजूरी दी गई थी और अभी 4153 वीडीजी सक्रियता के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि जिस तरह से जम्मू इलाके के उधमपुर, डोडा, रियासी राजौरी और पुंछ में घटनाएं बढ़ी हैं, इनकी संख्या भी लगातार बढ़ाई जा रही है।
वीडीजी को मासिक भत्ता मिलेगा-रिपोर्ट
रिपोर्ट के अनुसार गृह मंत्रालय ने जम्मू और कश्मीर प्रशासन के साथ चर्चा करके इनके ग्रुप लीडरों को 4,500 रुपए मासिक भत्ता और अन्य सदस्यों को 4,000 रुपए देना तय किया है। यह रकम सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।
सुरक्षा बलों के लिए बहुत बड़ी मददगार होते हैं वीडीजी
साल 2022-23 के गृह मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार जम्मू-कश्मीर में कुल 4,153 वीडीजी और 32,355 एसपीओ सक्रिय थे, जिन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं थीं। इनका काम आम नाकरिकों की सुरक्षा और एसपी और एसएसपी की निगरानी में आतंकवाद-विरोधी अभियानों में शामिल होना है।
कई वीडीजी को पहले ही सौंपे जा चुके हैं एसएलआर-रिपोर्ट
हाल के दिनों में देखा गया है कि आतंकवादी बहुत ही अत्याधुनिक हथियारों और तकनीकों से लैस होकर आतंकी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे में जानकारी के मुताबिक गृह मंत्रालय और जम्मू-कश्मीर प्रशासन चाहता है कि विलेज डिफेंस गार्ड्स को भी अत्याधुनिक हथियार मिल जाएं, ताकि आतंकियों का काम तमाम करना आसान हो जाए।
जानकारी के मुताबिक कुछ वीडीजी को एसएलआर दिए भी जा चुके हैं और बाकियों को भी धीरे-धीरे इससे लैस किया जा रहा है। साथ ही साथ उन्हें इसे चलाने की आवाश्यक ट्रेनिंग भी दी जा रही है।
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